उरई। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने शिक्षकों को टेंशन फ्री करने की पहल की है। तांकि वे नौनिहालों की पूरे सुकून से बेहतर पढ़ाई करा सकें।

जिले में डीआईओएस और बीएसए ने संयुक्त रूप से शिक्षकों को सेवा संबंधी समस्याओं से तत्परता पूर्वक राहत देने के लिए अनूठा प्रयोग प्रस्तावित किया है। जिसकी तहत हर महीने की एक निश्चित तारीख को मुख्यालय के राजकीय इंटर कालेज के मैदान में शिक्षक समाधान दिवस आयोजित होगा। इस दौरान दोनों विभागों में जितने भी पटल सहायक हैं अपने स्तर पर लंबित शिक्षकों की समस्याओं को सूचीबद्ध करके उपस्थित होगें। खंड स्तर के शिक्षाधिकारी भी इस अवसर पर मौजूद रहेगें।

कार्यालयाध्यक्ष द्वय के मार्गदर्शन में सभी शिकायतों का यथा संभव मौके पर ही निस्तारण कराया जायेगा। यही नही पटल सहायकों को कार्यालय में इसके बाद यह प्रमाणीकरण भी दाखिल करना होगा कि उनके स्तर पर कोई शिकायत लंबित नही रह गई है। यदि एक आध शिकायत लंबित बची हो तो उसकी जटिलता के ब्योरे के साथ स्पष्टीकरण दाखिल करना होगा।

प्रदेश के किसी भी जिले में अपनी तरह की यह नई पहल है। जिला विद्यालय निरीक्षक भगवत पटेल ने बताया कि समाधान दिवस में सभी मान्यता प्राप्त शिक्षक संगठनों के जिलाध्यक्ष व मंत्री भी बिना भेदभाव के आमंत्रित किये जायेगें। उन्होंने कहा कि इससे शिक्षकों के आंदोलन की गुंजाइश नही रह जायेगी और अपनी समस्या का सिरदर्द न होने पर शिक्षक बच्चों की पढ़ाई भी दत्तचित्त होकर करायेंगे।

 

 

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