कालपी(उरई )। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्रालय के फरमान के तहत कालपी स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय को गैर तहसील के पीएचसी केन्द्र में स्थापित कराये जाने की कवायद विभागीय अफसर ने शुरू कर दी है। इस व्यवस्था से कालपी क मरीजों को आयुर्वेद चिकित्सा उपलब्ध नही हो सकेगी। चिकित्साधिकारी डा. गंगा प्रसाद तथा वार्ड व्याय की आयुर्वेदिक अस्पातल में तैनाती है। बीस साल पहले 1998 में आयुर्वेदिक चिकित्सालय की स्थापना की गई थी। जनहित में जिलाधिकारी डा. मन्नान अख्तर तथा मुख्य चिकित्साधिकारी से अपेक्षा है कि नई नीति के तहत आयुर्वेदिक अस्पताल को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कालपी में स्थापित कराया जाए ताकि रोगियों को लाभ मिल सके।

 

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