कालपी(उरई )। जिला कृषि अधिकारी ने कालपी स्थित एक उर्वरक की दुकान में सोमवार को छापा मारा वहां पर पकड़ी गई गैर जनपद की खाद के कारण अधिकारी ने दुकान सील करने का प्रयास किया लेकिन उर्वरक यूनियन के लोगों की सक्रियता के चलते मामला रफा-दफा हो गया इसकी पुष्टि नगर के समाज सेवियों तथा किसानों ने की है।

इतना ही नही जिला कृषि अधिकारी ने एक दुकान में यूरिया खाद का सैम्पुल भरा तथा उर्वरक की एक दुकान में बैठकर उचित मूल्य पर यूरिया खाद का वितरण भी कराया कई किसानों को उचित मूल्य पर खाद प्राप्त हुई। सोमवार को दोपहर करीब 11 बजे जिला कृषि अधिकारी राममिलन ने कालपी स्थित टरननगंज की एक उर्वरक दुकान में छापा मारा जहां पर गैर जनपद की उज्जवला यूरिया पाई गई और उक्त दुकान पर यूरिया खाद महंगे 360 रुपये प्रति बोरी बेची जा रही थी। उक्त कृत्य देखकर जिला कृषि अधिकारी भड़क गए और उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए दुकानदार के रजिस्टर ले लिए तथा दुकान शील करने का प्रयास किया लेकिन योजनाबद्ध तरीके से उर्वरक यूनियन के कथित उरई और पुखरायां के नेता सक्रिय हो गए और अन्ततः गंभीर मामले को शायद शांत करा दिया गया और उर्वरक की दुकान शील नही की गई। जिला कृषि अधिकारी ने मौके पर बैठकर उचित मूल्य पर यूरिया खाद की बिक्री भी करवाई। पता चला है कि कथित उर्वरक व्यापारी जिला कृषि अधिकारी के कान भरते है और वह कान भरने में शायद कामयाब भी हो गये क्योंकि उक्त गंभीर प्रकरण को नगर के समाजसेवी तथा किसान देख रहे थे।

जिला कृषि अधिकारी राममिलन सिंह परिहार ने पत्रकारों के फोन नही उठाये जिसके कारण इस मामले की अगली होने वाली कार्यवाही की पुष्टि नही हो पाई। चर्चा यहां शहर में यह है कि मामला मात्र औपचारिकता में निपट गया। समाजसेवी मुस्ताक मामू तथा किसान आदर्श कुमार, ओमकार, हरिश्चंद्र आदि ने जिला कृषि अधिकारी के छापेमारी आदि की पुष्टि करते हुए बताया कि जिला कृषि अधिकारी की वापसी के बाद यूरिया नगर में उन दुकानों पर 360 रुपये बोरी बेची गई जो अधिकारी के आगमन से दुकानों का शटर बंदकर भाग गए थे। समाचार लिखे जाने तक जिला कृषि अधिकारी से बात नही हो सकी।

 

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