उरई। लगभग 2 महीने से जारी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के आंदोलन के कारण नौनिहालों के साथ हो रहे खिलवाड़ को देखते हुए शासन के तेवर सख्त हो गए हैं। नतीजतन प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी भगवत पटेल ने मंगलवार को तीन सौ कार्यकत्रियों को सेवा समाप्ति का अल्टीमेटम जारी कर दिया है।
नोटिस में कहा गया है कि तीन दिन के अंदर वे अपने केंद्र पर पहुँच कर पुष्टाहार वितरण सहित अपनी ड्यूटी सुचारु तरीके से शुरू कर दें, अन्यथा उन्हें तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया जायेगा। दूसरी ओर आंगनबाड़ी कार्यकत्री संघ के प्रदेशीय नेतृत्व के निर्देश पर मंगलवार से कार्यकत्रियों ने जेल भरो आंदोलन की शुरुआत का ऐलान कर दिया है, जिसके तहत यहाँ पहले दिन 57 कार्यकत्रियों ने सांकेतिक गिरफ़्तारी दी, हालांकि उन्हें जेल नहीं भेजा गया। सिटी मजिस्ट्रेट ने मौखिक तौर पर उनके द्वारा सौंपी गई। सूची में शामिल नामों को हिरासत में लेकर तत्काल रिहा करने का आदेश पढ़ दिया।
गौरतलब है कि गरीब आबादी के शिशुओं को पौष्टिक आहार न मिलने से बचपन अभिशाप ग्रस्त हो रहा है। खास तौर से बुंदेलखंड जैसे पिछड़े अंचलों में हजारों बच्चे कुपोषण के कारण विंकलांग हो रहे हैं। उनकी सुरक्षा के लिए ही आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन किया जा रहा है जिसमें रोजाना गर्भवतियों और बच्चों को मुफ्त पुष्टाहार वितरित किया जाता है। कार्यकत्रियों की हड़ताल की वजह से इस माह किसी केंद्र पर पंजीरी का वितरण नहीं हो पाया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि दिसंबर माह में पंजीरी के शून्य उठान की रिपोर्ट उनके द्वारा निदेशालय को भेजी जा चुकी है। जो कार्यकत्रियाँ ड्यूटी पर लौट रही हैं उन्हें पिछले स्टाक की पंजीरी दी जा रही है।






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