उरई । उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत् मंगलवार को शहर के प्रमुख मार्गो से रैली निकाली गयी । रैली को मुख्य विकास अधिकारी एस पी सिंह ने राजकीय इण्टर कालेज के मैदान मे हरी झण्ड़ी देकर रवाना किया । राजकीय इण्टर कालेज से प्रारम्भ हुयी। यह रैली शहर के प्रमुख मार्गो से होती हुयी गुजरी रैली का समापन पुनः राजकीय इण्टर कालेज मे आकर हुआ । रैली मे एन आई सी टी स्टेशन रोड़ उरई की प्रमुख भूमिका रही ।  इस रैली मे आई टी आई उरई,कालपी तथा  राजीव गांधी कम्प्यूटर सोसायटी रामनगर, कोंच बस स्टेण्ड़, राजेन्द्रनगर, कुठौंद के छात्रो ने भी बढ़चढ़ कर हिस्सेदारी की ।

 

 

रैली मे आई सेक्ट राजेन्द्रनगर, पीटी आई कालपी, फोटेक कालपी, एन आई सी टी कदौरा, सिरसाकलार, इनरैम बागी कदौरा, आर एस डब्लू एम राजेन्द्र नगर के छात्रो हिस्सेदारी की । रैली मे शामिल छात्र-छात्राओं के हाथो मे कौशल विकास प्रशिक्षण से जुड़े नारे लिखे हुये थे । रैली मे डी आई ओ एस भगवत प्रसाद पटेल, बी एस ए राजेश कुमार, आई टी आई प्रधानाचार्य एम के सिंह, जी आई सी प्रधानाचार्य मुन्नी लाल वर्मा, समाजसेवी ममता स्वर्णकार, एन आई सी टी स्टेशन रोड़ के आलोक द्विवेदी, पूर्णेन्द्र दीक्षित, रितिक तिवारी, धीरज ट्रेनर साकेत, सागर शिवहरें, रितिक पाण्ड़ेय, फैजान, आशुतोष, अंवतिका तिवारी, सोनम सोनी, एकता वर्मा, प्रचि सोनी, ज्योति वर्मा, जीटू बिंदरानी, शहनाज, दीप शिखा, यशी सिंह, कंचन, पायल, रश्मी दुबे, दीपिका राठौर, सुमन देबी, सपना राजपूत, आसमीन, सोनिया मखीजा, अक्षय श्रीवास्तव, मोहम्मद शाकील, परशुराम पाल, अरूण रायक्वार, शिबम वर्मा, अभिषेक गुप्ता,  नितिन पाठक, नमन, गौरव, विशाल आदि सैकड़ो की संख्या मे छात्र-छात्रायें मौजूद रही।

 

 

 

रैली के दौरान पेय-जल के लिये परेशान रहे छात्र-छात्रायें

 

कौशल विकास मिशन के तहत मंगलवार को निकाली गयी रैली अव्यवास्थाओं के कारण महज खाना पूर्ति भर साबित हुयी । लग रहा था कि रैली मजबूरन निकाली गयी हो आखिर कागजी खाना पूर्ति तो करना ही पड़ता है । स्थिति यह थी कि रैली भागीदारी करने के लिये दूरदराज से आये छात्र-छात्रायें पानी के लिये तरसतें रहे। रैली के आयोजको द्वारा छात्र-छात्राओं की इस परेशानी पर ध्यान नही दिया गया । परिणाम स्वरूप कई छात्र-छात्राओं की हालत बिगड़ गयी । हां यह जरूर था कि रैली के आयोजकों मे फोटो खिंचवाने की होड़ जरूर मची थी । ऐसे मे परेशान छात्र-छात्राओं की चिन्ता करना आयोजकों ने जरूरी नही समझा तकरीबन चार घण्टे चले कार्यक्रम के दौरान पानी की एक-एक बूंद के लिये तरसते रहें ।

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