उरई। जिले की सभी तहसीलों में मंगलवार को शासन के निर्देशानुसार संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित किया गया। कालपी में उप जिलाधिकारी सतीष चंद्र की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस में शिकायती प्रार्थनपत्रों का अंबार लग गया। 66 प्रार्थना पत्र आये हालांकि केवल दो का इनमें से मौके पर निस्तारण हो सका। सबसे ज्यादा प्रार्थना पत्र भूमि संबंधी विवादों को लेकर थे। कहा जाता है कि सारे प्रमुख जरायम जर, जोरू और जमीन को लेकर होते हैं। इसके बावजूद इतने ज्यादा शिकायती पत्रों से साफ है कि स्वार्थ और लालच के कारण प्रशासन भूमि संबंधी विवादों को उनकी संवेदनशीलता की अनदेखी करके अटकाये रखती है।

इस दौरान उप जिलाधिकारी ने सभी विभागों के प्रतिनिधियों को निर्देश दिये कि जो भी लोग सरकारी जमीनों पर अवैध रूप से कब्जा किये हैं उन्हें प्रभावी ढंग से बेदखल कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाये। उन्होंने कहा कि अगर सरकारी संपत्ति की सुरक्षा नही हो पायेगी तो प्रशासन गुस्ताख लोगों के मनोबल को कंट्रोल कैसे कर पायेगा। उन्होंने कहा कि सरकारी संपत्ति, सरकारी अधिकारी और कर्मचारी इनके साथ दबंगी पर कोई समझौता नही किया जा सकता।

इस अवसर पर पुलिस उपाधीक्षक सुबोध गौतम, तहसीलदार शालिगराम, नायब तहसीलदार हरप्रसाद, खण्ड शिक्षाधिकारी महेश शर्मा, चुर्खी कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक महाराज सिंह तोमर आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

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