उरई। पदोन्नति सहित विभिन्न मांगों को लेकर गुरुवार को कलैक्ट्रेट कर्मचारियों ने एक दिन की सांकेतिक हड़ताल करते हुए काम बंद रखा। जिससे जिले के सुदूर क्षेत्रों से आये जरूरतमंदों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ गया।
मिनिस्ट्रीयल कलैक्ट्रेट कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष विजय सरन दुबे ने बताया कि कार्मिक विभाग ने 3 अगस्त 2017 को ही एक आदेश निर्गत कर दिया था। जिसमें चयन वर्ष 2017-18 में पदोन्नति के माध्यम् से भरी जाने वाली रिक्तियों का आगणन कर 1 माह के भीतर इनके लिए पदोन्नति की कार्रवाई पूर्ण कराने के निर्देश थे। लेकिन जिले के अधिकारी कानों में तेल डालकर बैठ गये। कोई कार्रवाई न होने पर शासन से 8 सितम्बर, 26 सितम्बर, 16 अक्टूबर व 18 अक्टूबर को अनुस्मारक निर्गत किये गये। फिर भी अभी तक पदोन्नतियां नही हुईं हैं।
इसके कारण मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी के साथ-साथ वरिष्ठ सहायक व प्रधान सहायक के पद खाली पड़े हैं। जिससे प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि इसके पीछे अधिकारियों की कर्मचारियों के प्रति दुर्भावना झलकती है जिसे बर्दाश्त नही किया जा सकता।
संघ के मंत्री बृजेश कुमार निरंजन ने बताया कि आज के आंदोलन के माध्यम से उनका उददेश्य इस ओर भी ध्यानाकर्षित कराना था कि कलैक्ट्रेट का नाम कार्यालय जिलाधिकारी के स्थान पर जनपद सचिवालय घोषित करने की उनकी पुरानी मांग पूरी हो। साथ ही कलैक्ट्रेट लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों को नायब तहसीलदार के पदों पर 10 प्रतिशत स्थान पदोन्नतियों के माध्यम से मिले।
उन्होंने कहा कि पदोन्नति के बारे में निर्धारित अवधि की सेवा पूर्ण करने की बाध्यता समाप्त की जाये और विभागीय सेवा नियमावली 2011 के माध्यम से पदोन्नतियां की जायें। इसी तरह कलैक्ट्रेट मिनिस्ट्रीयल संवर्ग को विशेष राजस्व सेवा घोषित करने और कनिष्ठ सहायक का नाम परिवर्तित करने की मांग भी की गई। नवीन सीजनल सहायक और वासिक बाकी नवीस की तैनाती पर लगी प्रतिबंध को हटाने की आवाज भी उठाई गई।
हड़ताल के सिलसिले में कर्मचारियों ने कलैक्ट्रेट में दिन भर धरना भी दिया और नारेबाजी भी की। अध्यक्ष व मंत्री के अलावा बृजेश चंद्र श्रीवास्तव, मो. अमजद अंसारी, वीरेंद्र श्रीवास्तव, महाराज सिंह, आरती कुशवाहा, विनोद कुमार, राजेश वर्मा, सुनील कुमार, रजपाल यादव, ऊषा साहू, ममता त्रिवेदी, राजकुमार वर्मा, अनूप श्रीवास्तव, श्याम बाबू, अशोक याज्ञिक, पलक निधी नायक, लाखन सिंह, इमानुर्रहमान, विनय प्रजापति, गौरव द्विवेदी, साजिद हुसैन, सलीम खां आदि भी धरने में शामिल रहे।






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