उरई। शीत लहर जिले में तेजी से जोर पकड़ती जा रही है। हालांकि दिन में खुलकर धूप निकल रही है। लेकिन फिर भी गलन भरी सर्दी रहती है। रात में यह सर्दी कहर का रूप ले लेती है। जनजीवन को इससे बचाने के लिए प्रशासन सुरक्षात्मक उपायों को अमल में लाने में जुट गया है।
जिलाधिकारी डा. मन्नान अख्तर ने इसी के मददेनजर जिले की पांचों तहसीलों को 50-50 हजार रुपये अलाव जलवाने के लिए आवंटित किये हैं। दूसरी ओर लोगों का कहना है कि पर्याप्त चैकसी के अभाव में अलाव जलवाने के बजट में घुन लगता जा रहा है। सीमित अलाव लगाकर कर्तव्य की इतिश्री की जा रही है। जिससे कई महत्वपूर्ण और जनसंकुल स्थलों पर अलाव की कोई व्यवस्था नही दिखाई देती।
जानकारों का कहना है कि दैवीय आपदा के बजट में हमेशा से सेंधमारी होती है। जिससे परेशान हाल और निराश्रित लोग समय पर संरक्षण से वंचित रहकर अनहोनी के शिकार हो जाते हैं।

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