उरई। हर दिल अजीज और सुप्रसिद्ध अद्योगपति विशम्भर नाथ गुप्ता का देहावसान हो गया है। गांधी कालेज के शिक्षक के रूप में शुरूआत करने वाले विशम्भर नाथ गुप्ता ने 90 के दशक में जब फैक्ट्री एरिया में उर्वशी सिंथेटिक नाम से यूनिट स्थापित कर अपनी औद्योगिक पारी शुरू की थी तो किसी को गुमान नही था कि शिक्षक पृष्ठभूमि का यह शख्स औद्योगिक जगत के बड़े मगरमच्छों के बीच न केवल जगह बना लेगा बल्कि देश व्यापी पहचान बनाने में भी सफल होगें। विशम्भर नाथ की कामयाबी से यह चमत्कार होने के कारण नया इतिहास रच गया।
पिछले कई वर्षों से वे नोयडा में रह रहे थे। लेकिन इसके बावजूद जिले से उन्होंने अपना संपर्क नही तोड़ा था। वे हर प्रमुख त्यौहार पर जिले में आते थे और परिचितों के यहां स्वयं पहल करके भेंट करने पहुंचते थे। औद्योगिक हस्ती बन जाने के बावजूद उनकी विनम्रता में भी कोई अंतर नही आया था। हाल ही में दीपावली में जिले के लोगों ने उन्हें देखा था उस समय वे पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त थे। किसी को उम्मीद नही थी कि इस जहानेफानी में वे कुछ ही दिन के मेहमान हैं। इसलिए जब उनके निधन की खबर देर रात सोशल मीडिया के माध्यम से फैलना शुरू हुई तो लोगों को एक बारगी विश्वास नही हुआ। जनपद भर में उन्हें जानने वालों ने उनके परलोक गमन को व्यक्तिगत तौर पर बहुत बड़े सदमें के रूप में संज्ञान में लिया है। आज उनकी अंतेष्ठी कर दी गई इसी के साथ जिले में एक युग का जैसे पटाक्षेप हो गया।





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