कालपी-उरई। उन्नाव के बांगरमऊ में सामने आये कांड के बाद भी जिले में झोलाछाप डाक्टरों पर शिकंजा नही कसा जा रहा है। अकेले कालपी कस्बे में दो दर्जन झोलाछाप डाक्टर मरीजों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। इतना ही नही कुछ झोलाछाप अपने तथाकथित नर्सिंग होम में सरकारी नर्सों को बुलाकर कन्या भ्रूण के गर्भपात का ठेका लेते हैं। जिससे बेटी बचाओ आंदोलन का बेड़ा गर्क हो जा रहा है।
बताया जाता है कि नगर के टरननगंज इलाके में ऐसे एक क्लीनिक में सरकारी नर्स आती है। पहले भ्रण परीक्षण कर बताया जाता है कि गर्भ में लड़का है या लड़की इसके बाद मोटी रकम लेकर कन्या भ्रूण होने पर गर्भपात करा दिया जाता है।
भले ही इसकी किसी ने औपचारिक शिकायत न की हो लेकिन अगर एलआईयू के माध्यम से उच्चाधिकारी जानकारी कराये ंतो उन्हें आसानी से गर्भपात का अवैध कारोबार चला रहे इस क्लीनिक के बारे में पता चल जायेगा।
झोलाछाप डाक्टर मेडिकल साइंस के पर्याप्त जानकारी न होने से अंधाधंुध दवाई लिखते हैं। कालपी क्षेत्र के कीरतपुर निवासी जीतू पाल की मौत कुछ दिनों पहले एक प्राइवेट क्लीनिक पर इसी तरह के इलाज और लापरवाही की वजह से हो गई थी। जिसकी रिपोर्ट आज तक नही लिखी गई। पुलिस के इस रवैये की वजह से ही अनहोनी का शिकार होने वाले मरीजों के परिजन शिकायत करने का साहस नही कर पाते।
कालपी के आसपास के क्षेत्रों में भी झोलाछाप डाक्टरों का कारोबार कुकरमुत्तों की तरह फैला हुआ है। बताया जाता है कि सीएमओ कार्यालय में नीम-हकीम डाक्टर मोटा महीना पहुंचाते हैं। इसलिए कितना भी उनके बारे में सचेत किया जाये सीएमओ कार्यालय के कानों पर जूं नही रेंगती। लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि प्रदेश की सरकार भी इस मामले में बेखुदी जैसी हालत की शिकार है। इसलिए सीएमओ कार्यालय की नकेल कसने में उसे कामयाबी नही मिल पा रही है।







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