उरई। स्वच्छ भारत अभियान में सहयोग न देने के कारण जिलाधिकारी ने चार प्रधानों को नोटिस जारी किये हैं। दो ग्राम पंचायत सचिवों का वेतन रोक दिया है जबकि दो सचिवों से जबाब-तलब किया है।
विकास भवन में शनिवार को जिलाधिकारी डा. मन्नान अख्तर ने स्वच्छ भारत अभियान की समीक्षा बैठक की। प्रत्येक ब्लाक में सीएलटीएस की पांच-पांच टीमें गठित की गईं। जिनका कार्य लोगों को खुले में शौंच के लिए जाना बंद करने और घर में शौचालय बनवाने के लिए उन्हें जागरूक बनाने का है। जिलाधिकारी ने टीमों से फीडबैक लिया।
कई टीमों ने प्रधान और सचिवों के असहयोग की शिकायत की। जिसके बाद जिलाधिकारी ने असहयोग करने वाले प्रधान और सचिवों के नाम नोट किये। इस आधार पर उन्होंने स्योढ़ी, चंदरसी, गंथरा और भकरौल के प्रधानों को 95जी के तहत नोटिस जारी करने के निर्देश दिये। उधर चंदरसी और राजपुरा ग्राम पंचायतों के सचिवों का वेतन उन्होंने रोक दिया जबकि चतेला और जाजेपुरा के सचिवों से स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश डीपीआरओ को दिये।
जिलाधिकारी ने कहा कि मार्निंग फालोअप के लिए आंगनवाड़ी और एएनएम की भी डयूटी लगाई जाये। मार्निंग फालोअप में बाहर शौंच के लिए जाने वालों की टोकाटाकी की जायेगी। जानकारी दी गई कि जिले में गत वर्ष अप्रैल से अभी तक 30 हजार शौचालय निर्मित कराये जा चुके हैं। 10 हजार और शौचालय बनवाने के लिए धनराशि आ गई है। जिससे जल्द ही शौचलयों का निर्माण करा दिया जायेगा। जिला पंचायत राज अधिकारी राजबहादुर भी बैठक में उपस्थित रहे।





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