उरई। जालौन कोतवाली क्षेत्र में गत 13 फरवरी को हुई कदौरा निवासी राजा उर्फ दीपेश साहू की हत्या के दो नामजद आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है। गिरफ्तार आरोपियों के बयान से खुलासा हुआ है कि यह हत्या लेन-देन के पीछे की गई थी।
दीपेश साहू की बुआ विजय लक्ष्मी ने इस सिलसिले में मुरारी उर्फ राज द्विवेदी निवासी ग्राम रिनियां शेखपुर खुर्द थाना सिरसा कलार व उसके अज्ञात साथियों को हत्या के मुकदमें में नामजद कराया था। पुलिस तभी से मुरारी को पकड़ने का प्रयास कर रही थी। इस कड़ी में उसने लखनऊ व अन्य शहरों में मुरारी की रिश्तेदारियों में छापे मारे। पुलिस का भारी दबाव देखकर आखिर मुरारी को खुद को कानून के हवाले करना पड़ा। उसके साथ ही हत्या में शामिल रहे कश्यप राजपूत निवासी लोधीपुर निवादा थाना बिमार जनपद हमीरपुर ने भी पुलिस के सामने समर्पण कर दिया।
मंगलवार को पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने कोतवाली में इन गिरफ्तारियों की जानकारी देते हुए बताया कि मुरारी के मुताबिक वह कश्यप सिंह, पुष्कर उर्फ अंकुर द्विवेदी तथा राजा उर्फ दीपेश साहू आपस में घनिष्ठ दोस्त थे और लखनऊ में आइफा कंपनी में काम करते थे। दीपेश को कंपनी में जोब दिलाने के लिए उसने 50 हजार रुपये अपने पास से जमा किये थे जिसका वह तगादा कई बार कर चुका था। लेकिन उसके कान पर जूं नही रेंग रही थी। इसके कारण उसने दीपेश के लिए खतरनाक योजना बना डाली।
13 फरवरी को दीपेश अपनी बुआ की मारुति अर्टिगा कार से उरई में ईशा वेकंट हाल में एक शादी में शामिल होने आया था। इस दौरान वह कश्यप राजपूत और अपने गांव के पुष्कर उर्फ अंकुश द्विवेदी को साथ लेकर उरई में उक्त मैरिज हाल पर पहुंच गया वहां उसने राजा को बाहर बुलवा लिया। राजा की गाड़ी से हम लोग आये और जिला परिषद के पास के ठेके से शराब खरीदकर जमकर पी। इस दौरान उसने राजा से फिर रुपये मांगे तो राजा अपनी आदत के मुताबिक टालमटोल करने लगा। इस बीच उसने राजा से कहा कि उसे उसके गांव रिनियां छोड़ दो। राजा हम लोगों को लेकर चुर्खी होते हुए कुठौंदा बुजुर्ग मार्ग से रिनियां जा रहा था। रात लगभग 10.30 बजे थे। नशा ज्यादा होने से कुठौंदा बुजुर्ग में गाड़ी पलट गई हम लोग किसी तरह बाहर निकले। इसके बाद हम लोगों ने राजा के साथ मारपीट शुरू कर दी। राजा ने चिल्लाते हुए भागने की कोशिश की तो कश्यप ने अपने हाथ से उसका मुंह दाब लिया। इसी जददोजहद में तीनों लोगों ने रस्सी से गला घोटकर राजा की हत्या कर डाली और भाग गये।
गौरतलब है कि पहले यह मामला चारित्रिक कारण से जोड़ा जा रहा था। लेकिन पुलिस ने आरोपियों के बयान से इसका रुख बदलकर इसे लेनदेन में हुई हत्या साबित करने का प्रयास किया है। हालांकि जानकार अभी भी कत्ल की परिस्थिति को देखते हुए असली वजह चारित्रिक ही मान रहे हैं जिसे संभवतः किसी लड़की की लोकलाज बचाने के लिए उजागर नही किया गया है। उधर पुलिस अधीक्षक ने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी में शामिल पुलिस टीम को 10 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की।





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