उरई। प्राकृतिक आपदाओं से त्रस्त बुंदेलखंड के किसानों के खिलाफ किसी भी तरह की उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर केंद्र और राज्य सरकार दोनों के रोक के आदेश हैं। लेकिन बिजली विभाग पर इसका कोई असर नही है।
एक ओर पिछले कई वर्षों से किसान खेती में प्राकृतिक आपदाओं के कारण लगातार नुकसान झेल रहा है। दूसरी ओर उद्योगपतियो को लाखों रुपये की बिजली चोरी कराने वाले विद्युत विभाग के अधिकारी किसानों की बकायेदारी को लेकर बेरहम रुख अपना रहे हैं।
इसी के तहत कुठौंद ब्लाक के जहटौली गांव में सिचाई की जरूरत के समय लगभग एक दर्जन बकायेदार किसानों के नलकूंप के विद्युत कनेक्शन काट दिये गये। जिससे किसानों में गहरा रोष छाया हुआ है। गिरजा शंकर दीक्षित, गजराज सिंह, अमृत कुंवर भदौरिया, हरनारायण सिंह आदि बिजली विभाग की कार्रवाई से प्रभावित किसानों ने कहा कि उनके पास कई लोगों का कर्जा है जिसे चुकाने की उम्मीद वे इस बार बेहतर फसल के जरिये कर रहे थे लेकिन बिजली विभाग ने तुगलकी रवैया अपनाते हुए उनके नलकूंप के कनेक्शन काट दिये। जिससे उनकी फसल सूखकर नष्ट हो जाने का खतरा गहरा गया है।





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