उरई। यूपी को भय मुक्त कैसे बनाया जा सकता है जब जनता पर डकैती डालने के लिए पुलिस खुद ही लोगों को खाकी के रौब से आतंकित करने में सबसे आगे निकलना चाह रही हो।
मामला सदर कोतवाली क्षेत्र की फैक्ट्री एरिया चौकी का है। जिसके इंचार्ज जनरक्षक की बजाय जनभक्षक का रोल अदा कर रहे हैं। एक किसान से ठगी के प्रयास में वह खुद ही जालसाज के हमजोली बन चुके हैं जिसके कारण किसान का जीना हराम हो रहा है।
यह है मामला
कालपी कोतवाली क्षेत्र के मसगायां के किसान जितेंद्र सिंह पुत्र जगदीश सिंह उरई में जायसवाल टावर के पीछे रहते हैं। गत 6 फरवरी को उन्होंने प्रधान डाकघर से 20-20 हजार रुपये के चार किसान विकास पत्र बनवाये थे। डाकघर कर्मचारियों के कहने से उन्होंने इसकी औपचारिकता एक एजेंट से पूरी कराई। लेकिन वह एजेंट अगले ही दिन उनके पास पहुंच गया और बोला कि तुमने बांड बनवा लिए है लेकिन पैसा रह गया है। इसलिए 80 हजार रुपये उसे जमा करो। उसकी बात सुनकर जितेंद्र सिंह हक्का-बक्का रह गये।
बाद में जितेंद्र सिंह ने प्रधान डाकघर में संपर्क किया तो डाकघर के स्टाफ ने उस एजेंट को डपटा के क्यों झूठ बोलते हो। जब तक पैसे जमा नही होगें बांड कैसे जारी हो जायेगें। इन्हें बांड जारी हो चुके हैं इसका मतलब है कि ये 80 हजार रुपये डाकघर में जमा कर चुके हैं और तुम इनसे धोखाधड़ी करके फिर 80 हजार रुपये लेना चाहते हो।
एसपी से शिकायत करना पड़ा मंहगा
जितेंद्र सिंह ने जालसाजी कर रहे एजेंट के खिलाफ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र दिया। उसे उम्मीद थी कि इसके बाद पुलिस एजेंट को सबक सिखायेगी। वह प्रार्थना पत्र जब कार्रवाई के लिए फैक्ट्री एरिया चौकी इंचार्ज के पास पहुंचा तो उन्होंने दोनो पक्षों को बुलाया। बात सुनने के बाद पहले तो उन्होंने भी पहले जितेंद्र को ही पीढ़ित माना। लेकिन उनकी त्यौरियां तब बदल गईं जब एजेंट की तरफ से आये एक दलाल ने उनसे एक कोने में ले जाकर कानाफूंसी की। इसके बाद वे कहने लगे कि तुम एजेंट का नुकसान कर रहे हो। कम से कम 40 हजार रुपये तो तुम्हें एजेंट को देने ही पड़ेगें। जितेंद्र सिंह किसी तरह पिंड छुड़ाकर घर चले आये तो अगले दिन चौकी इंचार्ज ने उनके घर सिपाही भेज दिये जिन्होंने उनको आतंकित करने के लिए पूरे घर की इस तरह तलाशी ली जैसे वे बहुत बड़े अपराधी हों। इसके बावजूद जितेंद्र सिंह ने ब्लैकमेलिंग गंवारा नही की तो अब आये दिन चौकी के सिपाहियों का फोन उनके पास इंचार्ज के कहने से आ रहा है कि तुम चौकी आकर हिसाब कर जाओ वरना प्रदेश भर में एनकाउंटर अभियान चल रहा है तुम्हें भी निपटा देंगे। इस कारण अपनी जान के लिए त्राहि-त्राहि कर रहे जितेंद्र सिंह अब रिश्तेदारियों में बचने के लिए छुपने भाग रहे हैं।
दुकानदारों पर भी बोल दिया है पुलिस टैक्स
जिस तरह से अराजक तत्व गुंडा टैक्स वसूल करते हैं। वैसे ही फैक्ट्री एरिया इंचार्ज अपने क्षेत्र के ढाबे वालों और दुकानदारों से पुलिस टैक्स मांग रहे हैं। कई दुकानदारों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इंचार्ज कहते हैं कि चौकी आओ और महीने की बात करों वरना तुम्हारे यहां जो ग्राहक आते हैं उनकी गाड़ियों का चालान करके तुम्हारी ठप्प करा देगें। फैक्ट्री एरिया चौकी इंचार्ज की इस रीति-नीति की वजह से भले ही गुंडों में पुलिस का दबदबा न बन रहा हो लेकिन शांति प्रिय लोगों में भय छाया हुआ है।
बेदाग एसपी का नही है कोई डर
एक ओर जनपद के मौजूदा पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र प्रसाद सिंह की छवि शत-प्रतिशत बेदाग है जिन पर कोई उंगली नही उठा सकता कि वे थानेदारों से एक पैसे अपने को आब्लाइज करने की अपेक्षा रखते हों। लेकिन ऐसे एसपी की मातहती में रहने के बावजूद फैक्ट्री एरिया चौकी इंचार्ज का आचरण जिस कदर धृष्ट है उससे उनके दुस्साहस की इंतहा का पता चलता है।

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