
* गेहूं के घुन की तरह दूसरे की दुकान भी आई चपेट में
कोंच-उरई । बीती लगभग आधी रात के वक्त गांधीनगर इलाके में मलंगा पुल के गेट के पास रखी दो लोहे की गुमटियों में रहस्यमय ढंग से आगजनी की घटना सामने आई है। रात में ही दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पाया लेकिन तब तक सारा सामान राख हो चुका था लेकिन अन्य दुकानें आग की चपेट में आने से बच गई। उनमें से एक दुकानदार ने अपने घर के पड़ोस में रहने बाले व्यक्ति पर रंजिशन दुकान में आग लगाने का आरोप लगाया है। दुकानदार की अगर मानें तो उसका कल बुधवार की शाम उक्त पड़ोसी से किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था और पड़ोसी ने उसे दुकान में आग लगाने की धमकी भी दी थी। इस झगड़े की तहरीर भी दुकानदार ने कल शाम ही इलाके की चौकी को दे दी थी। दूसरी दुकान उससे सटी होने के कारण आग पकड़ ली और उसमें रखा सामान भी जल कर राख हो गया।

मिली जानकारी के मुताबिक गांधीनगर इलाके में रामलला मंदिर के समीप अवस्थित जल संस्थान के नलकूप के पास तमाम दुकानों के खोखे रखे हैं जिनमें किराना से लेकर बारबर तक की कई दुकानें हैं। इन्हीं में एक दुकान संजय पुत्र हरनारायण निवासी गोखलेनगर तथा दूसरी दुकान अखिलेश अहिरवार की है। दोनों चाय पानी की दुकानें हैं। बीती आधी रात लगभग दो बजे के आसपास दोनों दुकानों में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई जिससे दोनों दुकानों में रखा हजारों का सामान राख हो गया। इस आगजनी की घटना को लेकर संजय की मां मुन्नीदेवी पत्नी हरनारायण अहिरवार ने अपने घर के पड़ोस में रहने बाले धर्मेन्द्र पुत्र भागीरथ अहिरवार पर दुकान जलाने का आरोप लगाते हुये कोतवाली में प्रार्थना पत्र दिया है। उसने बताया कि कल बुधवार की शाम धर्मेन्द्र और उसके बेटे संजय के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था और धर्मेन्द्र ने दुकान में आग लगा देने की धमकी भी दी थी जिसकी तहरीर उसने कल शाम ही सुरही चौकी को दे दी थी। उसका सीधा आरोप है कि धर्मेन्द्र ने उसकी दुकान में आग लगाई है जिसकी चपेट में आकर अखिलेश की भी दुकान जल गई। फिलहाल, पुलिस ने मौके पर जाकर पड़ताल की है लेकिन समाचार लिखे जाने तक रिपोर्ट नहीं दर्ज हुई थी।







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