उरई। रामपुरा थाने के ऊमरी चौकी इंचार्ज ने गुरुवार को मुफ्त में तीन बोतलें न देने पर अंग्रेजी शराब का ठेका लुटवा दिया। उनकी इस जुर्रत की शिकायत थानाध्यक्ष से की गई तो उन्होंने चौकी इंचार्ज को मौके पर भेजा। लेकिन वे ठेके पर आने की बजाय दूर से चहलकदमी करके निकल गये। बाद में जब थानाध्यक्ष को फिर बताया गया तो उन्होंने कहा कि पुलिस की सेवा तो करनी ही पड़ेगी वरना जो हुआ वह ठीक है।
होली के त्यौहार पर पुलिस अपने क्षेत्र के शराब ठेके से मुफ्तखोरी में जुट जाती है। उसकी डिमांड पूरी होनी चाहिए भले ही ठेकेदार बर्बाद हो जाये। ऊमरी में भी यही हुआ। पहले थाने से अंग्रेजी शराब की दो बोतले मंगवा ली गईं। बाद में ऊमरी चौकी इंचार्ज दिनेश गिरी पहुंचे और उन्होंने तीन बोतलों की डिमांड और कर दी। जब गददीदार अवनीश कुमार उदैनिया ने कहा कि इतनी सेवा करना उसके बूते के बाहर की बात है तो नाराज होकर चौकी इंचार्ज चले गये। कुछ देर बाद उनके शह पर बाइकों से कुछ युवक आये और उन्होंने गददीदार को पीटते हुए ठेके से एक अदधी लूट ली। इसकी शिकायत का नतीजा ऊपर बताया जा चुका है।
गौरतलब है कि शराब ठेके सरकार के राजस्व से जुड़े हैं। इसलिए ठेकेदार को प्रशासन और पुलिस का संरक्षण अपेक्षित रहता है। लेकिन जब पुलिस ही सरकारी ठेके को लुटवाने लगेगी तो यह माना जाना चाहिए कि यह सरकार और जिला प्रशासन को चुनौती देने जैसी कार्रवाई है।






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