उरई। कदौरा क्षेत्र में आंधी के दौरान हाईटेंशन लाइन के तारों के टकरा जाने से छूटी फुलझड़ियां खेतों में पकी फसल पर गिरी तो प्रचंड लपटे उठने लगीं। कई गांवों के ग्रामीणों के आग बुझाने के लिए दौड़ पड़ने के बावजूद इसका तांडव शांत नही हुआ। बाद में दमकल गाड़ी के पहुंचने पर आग बुझ सकी। लगभग आधा दर्जन किसानों की तीन लाख रुपये की गेंहूं की फसल इस अग्निकांड की भेंट चढ़ गई।
बिजली विभाग की लापरवाही की वजह से विद्युत व्यवस्था विकास की बजाय विनाश की निशानी बन गई है। हाईटेंशन लाइन तक में हिफाजती इंतजाम के नाम पर सारा बजट और सामान इंजीनियर हड़प कर लेते हैं जिससे इन लाइनों से भी खतरे की घंटी बजती रहती है। फसलों की हानी तो आम बात है आये दिन जनहानियां होती रहती हैं फिर भी बिजली विभाग के रवैये में सुधार होने का नाम नही ले रहा है।
सोमवार को सौंधी ग्राम पंचायत के बाकरपुर गांव में दोपहर बाद आई आंधी के दौरान खेतों के ऊपर से गुजरी हाईटेंशन लाइन की चिंगारियों से पकी फसलों में आग लग गई। इसमें रफीउददीन का छह बीघा, अब्दुल सलाम का चार बीघा, कमरुददीन का तीन बीघा, नसरुददीन का दो बीघा और जुलेखा खातून का तीन बीघा खेत जलकर खाक हो गया।
आग के विकराल रूप धारण करने पर दूर-दूर तक इसकी लपटें जब दिखाई देने लगी तों न केवल बाकरपुर बल्कि सोंधी, अकबराबाद, वीरसिंह नगर व बलभद्र नगर से भी मदद के लिए मौके पर लोग दौड़े। लेकिन उनकी मशक्कत का कोई जोर आग पर नही चला बाद में दमकल गाड़ी ने जब पानी की बौछार की तब कहीं आग थमी। लेकिन इस बीच लगभग तीन लाख रुपये की फसल खाक हो चुकी थी।

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