
उरई । मुख्यमंत्री के दौरे की तैयारियों के बीच सिरसाकलार क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक डकैतों की धमाचौकड़ी की खबर से जिले के पुलिस अधिकारियों के हांथ पाँव फूल गए हैं ।
1990 जैसे दस्यु आतंक के सिर उठाने का अंदेशा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश में अपने एक साल के कार्यकाल में भयमुक्त माहौल का ढिंढोरा पीटते घूम रहे हैं लेकिन जालौन जिले में 1990 के दशक जैसे दस्यु आतंक के सिर उठाने की खबर उनके दावों की हवा निकालने लगी है । रविवार की रात सिरसाकलार थाना क्षेत्र के धामनी में लगभग 17 – 18 हथियाबंद डकैतों ने खेतों पर काम कर रहे किसानों पर फायरिंग के साथ धावा बोल दिया । उनके गिरोह में 5 महिलाएँ भी थी । डकैतों की फायरिंग से दहशत फ़ेल गई । इस दौरान हार्वेस्टिंग करा रहे प्रिंस पुत्र जगराम गुर्जर ने हिम्मत दिखाते हुए जवाबी फायरिंग की जिससे डकैतों को पीछे हटना पड़ा । बाद में इलाक़े के बहुत लोग इकट्ठा हो गए और उन्होने सामूहिक रूप से डकैतों को रात भर खोजा पर वे शायद नदी पार करके कानपुर देहात निकल गए थे जिससे कहीं उनसे सामना नहीं हो सका ।
पुलिस का खौफ न होने से बदमाशों का हौंसला बढ़ा
सबसे बड़ी बात यह है कि अगर पुलिस की चौकसी मजबूत होती तो इतना बड़ा गिरोह कैसे संगठित हो जाता । कल की घटना ने यह साबित किया है कि इस इलाक़े में पुलिस का कोई खौफ नहीं है जिससे नवोदित डकैत गिरोह अपने आतंक का सिक्का जमाने के लिए सबसे साफ्ट टार्गेट समझ कर इस इलाक़े में बड़ी वारदात से शुरुआत करने की फिराक में था । यह कोशिश वे आसानी से नहीं छोड़ेंगे और अगर मुख्यमंत्री के दौरे के पहले उन्हें इसमें जरा भी सफलता मिल गई तो मुख्य मंत्री की बड़ी किरकिरी होगी । इस आकलन ने जिले के आला पुलिस अफसरों की नींद उडा दी है ।





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