कालपी-उरई। मुख्यमंत्री के दौरे के समय डकैत गिरोहों के तैयार होने और सिर उठाने से पुलिस अधिकारियों के पैर कांप उठे हैं। सिरसाकलार में तो इंतहा हो चुकी है। जब तक मुख्यमंत्री का दौरा प्रस्तावित नही हुआ था तब तक डकैतों के विचरण की खबरों की अनदेखी होती रही जो उनके हौसले बढ़ने का मुख्य कारण साबित हुई। लेकिन अब पुलिस वाले 13 अप्रैल तक बदमाशों द्वारा किसी अनहोनी को होने से रोकने के लिए बीहड़ों में इस कदर चहलकदमी के लिए कंूद पड़े हैं कि उनके मुंह से फैना तक निकलने लगा है।
मंगलवार को स्थानीय कोतवाली की पुलिस ने यमुना नदी के बीहड़ क्षेत्रों में अभियान चलाया। महेबा ब्लाक के जंगलों से घिरे गड़गबा गांव में कोतवाल सुधाकर मिश्र, उपनिरीक्षक विजय कुमार सिंह, राजीव कांत, सर्वेश कुमार सिंह आदि के साथ भारी संख्या में फोर्स लेकर पहुंचे और ग्रामीणों से जानकारी ली। इसके बाद हररायपुर, कुटरा, महेबा आदि के जंगलों में भी कांबिंग की गई। तमाम स्थानों पर खेतों में काम कर रहे किसानों से पूंछतांछ की गई।
पुलिस के इस व्यायाम से जनता को आश्वस्ति मिली लेकिन गश्त तक का सबक भूल चुके पुलिस कर्मियों की हालत इस दौड़धूप की वजह से पस्त हो गई। अगर इसी तरह कांबिंग और जारी रही तो कई पुलिस कर्मियों के अस्पताल पहुंचने की नौबत आ सकती है।

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