उरई। लखनऊ के लोहिया ट्रस्ट भवन में जालौन जनपद के गौरव और राजनैतिक समीक्षक रविकांत चंदन की हाल में प्रकाशित दो पुस्तकों का विमोचन पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किया। इनमें एक पुस्तक का शीर्षक है कि आज के आइने में राष्ट्रवाद और जबकि दूसरी पुस्तक है आजादी और राष्ट्रवाद। इन पुस्तकों में अपने समय के चर्चित पत्रकारों और अकादमिकों के लेख संकलित है जिनका संपादन रविकांत चंदन ने किया है। दोनों ही पुस्तकें पहले से बेहद चर्चा में हैं।
रविकांत चंदन सम्प्रति लखनऊ विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग में सहायक प्रोफेसर हैं। मूल रूप से जालौन जिले के जगम्मनपुर गांव निवासी रविकांत चंदन ने जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली से हिंदी साहित्य में एमए, एमफिल किया। इसके बाद उन्होंने लखनऊ से पीएचडी की। वे अदहन पत्रिका का संपादन भी करते हैं। वैसे उनके लेख और कविताएं कई प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं।
समाचार चैनलों पर बहस में दलित चितंक और राजनीतिक विश्लेषक के रूप में नियमित सहभागिता के जरिये उन्होंने भविष्य दृष्टा विद्वान के रूप में अपनी छवि देश भर में बनाई है। अखिलेश यादव ने इस अवसर पर कहा कि आज के समय ऐसे विचारकों की सबसे ज्यादा जरूरत है जिनकी दिशा प्रगतिशील और बेबाक हो। उन्होंने कहा कि विविधिताओं और विरोधाभासों से भरे इस देश को बिखेरने की बजाय बेहतर गुलदस्तें के रूप पेश करने का काम बहुत बड़ा है और इस चुनौती का भार लेखक और चिंतक ही उठा सकते हैं।







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