रामपुरा-उरई। रामपुरा को जनपद में पहला ओडीएफ यानि खुले मे शौच मुक्त ब्लाक बनाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। इसके तहत मंगलवार को जिलाधिकारी डा. मन्नान अख्तर और मुख्य विकास अधिकारी एसपी सिंह रामपुरा पहुंचे।
जिलाधिकारी डा. मन्नान अख्तर ने ब्लाक परिसर में ग्राम प्रधान, सचिव, आशा बहुओं व ग्राम कैडर के अन्य कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि ब्लाक क्षेत्र में 10 हजार शौचालय एक सप्ताह में बनाने का लक्ष्य है। इसी बीच आठ हजार शौचालय की डिमांड और आ गई है जिसे उन्होंने 4 करोड़ 68 लाख रुपये के बजट की मंजूरी दे दी है। उन्होंने बताया कि जिन लोगों के शौचालय बन चुके है उन लाभार्थियों को कल से स्वीकृति पत्र प्रदान किये जायेगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि खुले में शौच करना एक कुरीति है। जिससे उबरने के लिए मजबूत संकल्प लेना होगा। उन्होंने कहा कि जो लोग सक्षम है वे सरकार के भरोसे न रहकर स्वयं शौचालय बनायें तांकि सरकार को अन्य विकास कार्यों के लिए बजट उपलब्ध रह सके। उन्होंने कहा कि जिनको सरकार शौचालय निर्माण की सहायता पहले दे चुकी है उन्हें अब कोई सहायता नही दी जायेगी। जिलाधिकारी ने दावे के साथ कहा कि किसी भी ब्लाक को इतना बजट नही दिया गया है जितना की रामपुरा ब्लाक को दिया गया है।
जिलाधिकारी ने कर्मचारियों को आगाह किया कि शौचालय के निर्माण में गुणवत्ता में कोई कोताही नही दिखाई जानी चाहिए। अगर इसमें कोई खामी और रिश्वतखोरी सामने आती है तो कड़ी कार्रवाई की जायेगी। मुख्य विकास अधिकारी एसपी सिंह ने कहा कि रामपुरा ब्लाक जिले में सबसे दूरस्थ और पिछड़ा है इसलिए इसे जिलाधिकारी ने सबसे पहले ओडीएफ बनाने के लिए चुना है। उन्होंने कहा कि शौचालयों के निर्माण में कारीगरों की समस्या सबसे ज्यादा आ रही है। जिसे देखते हुए पड़ोसी विकास खंडों से कारीगरों की व्यवस्था का फैसला लिया गया है। उन्होंने बताया कि ग्राम सभा हनुमंतपुरा दो माह पहले ही सबसे पहले खुले में शौच से मुक्त हो चुका है।
कार्यक्रम में उप जिलाधिकारी माधौगढ़ सौजन्य कुमार विकास पुलिस क्षेत्राधिकारी अजेय शर्मा, नगर पंचायत अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह, जिला विकास अधिकारी मिथलेश सचान, जिला पंचायत राज अधिकारी राजबहादुर, ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि दिनेश कुमार, सहायक विकास अधिकारी अंगद सिंह कछवाह, खंड विकास अधिकारी आदित्य कुमार, खंड विकास अधिकारी कुठौंद मनोज कुमार, ग्राम पंचायत अधिकारी संजय श्रीवास, प्रमोद कुमार, प्रवीर रत्नम, प्रधानगण राहुल मिश्रा, महेश सिंह चैहान, बृजेंद्र सिंह, राजवीर आदि मौजूद रहे।
बाद में जिलाधिकारी ने विकास खंड परिसर में स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित जलपान गृह का फीता काटकर उदघाटन किया। उन्होंने कहा है कि स्वयं सहायता समूह के गठन से महिलाओं में आमदनी बढ़ाने की प्रतिस्पर्धा छिड़ती है जो भविष्य में उनके काम आती है। उन्होंने अन्य महिलाओं को भी स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।







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