उरई। नाम मात्र की पैदावार होने से किसान की सदमे में मौत हो गई। खबर पाकर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। किसान अपने पीछे पत्नी और चार नाबालिग संतानें छोड़ गया है।
कदौरा थाना अंतर्गत मगरायां निवासी बलवीर विश्वकर्मा (38वर्ष) सीमांत किसान था। दो वर्ष पहले उसके पिता बैजनाथ चल बसे थे। जिन पर स्टेट बैंक की बबीना शाखा का कर्जा था। यह कर्जा चुकाने के लिए एक वर्ष पहले उसने एक बीघा जमीन बेंच दी थी। फिर भी कर्जा पूरी तरह चुकता नही हो पाया था।
उसके पास चार बीघा खेती बची थी जिसमें उसने गेंहूं बोया था। लेकिन नहर न चलने की वजह से सिचाई नही हो पाई जिससे उसकी फसल कमजोर हो गई। मंगलवार की रात जब उसने थे्रसिंग कराई तो केवल सात कुतंल गेहूं निकल पाया। इससे वह बदहवास हो गया। वह जैसे ही घर आया उसको गश आ गया और इसके पहले कि उसे अस्पताल ले जाया जाता उसकी मौत हो गई।
इसके बाद उसके परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी के अलावा उसकी चार संताने हैं जिनमें अनिल कुमार (17वर्ष), नैन्सी (15वर्ष), शिवांशी (13वर्ष) और अनूप (10वर्ष) शामिल हैं। उसके परिवार की दशा देखकर पूरे गांव में मातम का माहौल हो गया है। गौरतलब यह भी है कि आगामी 26 अपै्रल को उसकी भतीजी की शादी भी थी। बलवीर की मौत से इस शादी की तैयारियां भी अस्त-व्यस्त हो गई हैं।

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