उरई। कुठौंद थाने के मौजूदा थानाध्यक्ष सुनील तिवारी मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ की नई आबकारी नीति को अपने इलाके में फेल करने में कोई कसर नही छोड़ रहे। उनके आशीर्वाद से हर गांव में अवैध रूप से मध्यप्रदेश की शराब के बिक्री सेंटर चल रहे हैं। सरकारी ठेकेदार की शिकायत पर उन्होंने कहा कि ठेका चलवाने की जिम्मेदारी योगी जी की है मेरी नही। मुझे मालूम है कि मेरा क्या काम है और मैं केवल उतना ही काम करूंगा।
अवैध शराब की इस कदर बिक्री से जहां ठेकेदार का दीवाला निकलने की नौबत आ गई हैं वहीं सरकारी राजस्व को भी जमकर चूना लग रहा है। सबसे गंभीर बात तो यह है कि अवैध शराब की बिक्री को प्रोत्साहन किसी दिन जहरीली शराब कांड की परिणति भी करा सकता है। जिससे प्रशासन की तो नाक कटेगी ही राज्य सरकार की भी बड़ी फजीहत होगी।
सूत्रों के अनुसार पता चला कि बुधवार को जब ठेकेदार ने अवैध शराब की बिक्री की शिकायत थानाध्यक्ष सुनील तिवारी से की तो दिखावे के लिए वे बहुत गंभीर हो गये और बोले कि शाम को मेरे साथ चलो मैं देखता हूं कि कौन शराब बेच रहा है उसे बख्शूगां नही। उन पर भरोसा करके ठेकेदार शाम को जब उनके पास पहुंचे तो तीन उपनिरीक्षक, महिला आरक्षी, कोबरा आदि का पंद्रह फोर्स के लोगों का लंबा-चैड़ा तामझाम लेकर सुनील तिवारी ने लालपुरा में सुरेंद्र के घर छापा मारा। लेकिन उनके इशारे की वजह से उसने घर से पहले ही शराब गायब कर दी थी। इसलिए सुनील तिवारी उल्टे ठेकेदार पर चडडी गांठने लगे। लेकिन तब तक सुरेंद्र की बदकिस्मती से टाड़ पर रखी एक पेटी शराब ठेकेदार की निगाह में आ गई और उन्होंने वह शराब जब थानाध्यक्ष के सामने उतारी तो थानाध्यक्ष का चेहरा फक्क हो गया। पेटी में 180एमएल के के फाइटर ब्रांड के क्वार्टर थे जिन पर रोक लग चुकी है। थानाध्यक्ष का जायका बिगड़ गया और वे बहकी-बहकी बातें करने लगे। अपनी असलियत पर उतरते हुए उन्होनें 48 क्वार्टर अवैध शराब पकड़ में आने के बावजूद सुरेंद्र पर कोई कार्रवाई नही की।
इसके बाद उनका लाव-लश्कर बिजुआपुर पहुंचा जहां भानु और करन सिंह यहां देशी शराब का स्वयंभू खुदरा सेंटर चलता है। भानु के यहां उतरते ही थानाध्यक्ष के उसके पिता ने चरण स्पर्श किये जिससे जाहिर हो गया कि उनका उसके साथ पहले से ही मामला सेट था। भानु के पिता ने उनसे चाय पीने का आग्रह किया तो वे बोले कि ठेकेदार मेरे पीछे लगा है इसलिए चाय तो नही पियूंगा आज का हिसाब दे दो मैं चलूं। बाद में जब थाने में ठेकेदार और उनकी चर्चा हुई तो थानाध्यक्ष का साफ कहना था कि वे सरकारी राजस्व के ठेकेदार नही हैं। उन्हें अपनी डयूटी पता है और उतना ही वे काम करेगें चाहे कोई मुख्यमंत्री आये या रहे। उन्हें इससे मतलब नही है।
देशी शराब के अवैध खुदरा सेंटर
देशी शराब के कुठौंद क्षेत्र में अवैध खुदरा सेंटर खुलवाकर थानाध्यक्ष सुनील तिवारी लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ज्यादा रोजगार लोगों को बांट रहे हैं। जिन गांवों में ये सेंटर हैं उनमें से कुछ हैं- मिहौना, जरहाला, मुरलीपुर, मोतीपुर, रामपुरा किरवाहा, गोरा सुरावली, नीमगांव, कुरौली, हाजीपुर, देवनपुरवा, निजामपुर और खेरा बघावली, लालपुरा और बिजुआपुर






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