कुठौंद—उरई । कुठौंद विकास खंड में बारिश आंधी व ओलों से फसलें चैपट हो गई जो जमीन पर कटी पड़ी फसलें उनमें काला कुंडवा जैसा लग चुका है। जिधर देखों उधर किसानों के द्वारा फसलों के बारे में चर्चायें तेजी स ेचल रही है। क्योंकि अन्ना पशुओं से रातों रात किसानों ने फसलों को खेतों पर रखवाली करके फसलों को देखा ह ैअब उनके ऊपर दैवीय आपदा का प्रकोप जिसकी बजह से न रात में नींद भर सो पाया न दिन में चैन मिलर पूरे विकास खंड के अलावा भी दो दिनों से आंधी तूफान के साथ बारिश जारी रही है जिससे किसानों का कम से कम पचास प्रतिशत नुकसान देखाई दे रहा है। किसानों को हमेशा खेती ऐसा धोखा बना हुआ है फसलों को देखने में खूब अच्छी लगती है लेकिन काटने का समय दैवीय आपदाओं से गुजरना पड़ता है। फसले खड़ी में कुछ उम्मीद नजर आ रही है। भदेख, नैनापुर, ऊमरी, मुस्तकिल, धरमपुरा बरैला, मसगांव, शंकरपुर, सीपुरा, बघावली, खेड़ा देवनपुरवा, रोमई मुुस्तकिल, दौलतपुर, तिरावली, पारेन, हाजीपुर, जमालीपुर, मिहोना, कुठीला, निजामपुर, वावली, इटहा, सलेमपुर कालपी, कुठौंद, हुसेपुरा, शेखपुर, जुगराजपुर, मऊकनार, नौरेपुर, सिरसाकलार, पीपरी अठगइयां, मदारीपुर, हरसिंगपुर, बरियापुर, पंडितपुर, करमुखा, टिकरी, लोहई आदि किसानों द्वारा जानकारियों दी गई। अखबार के माध्यम से शासन प्रशासन को जानकारी हासिल करने को कहा गया है।

 

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