
उरई। तीन सूत्रीय मांगों को लेकर पंचायत सचिवों ने आज धरना प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौपा।
ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति के अध्यक्ष नरेश चंद्र द्विवेदी, कार्यवाहक अध्यक्ष मनोज कुमार गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पवन तिवारी, महामंत्री रामबिहारी वर्मा के द्वारा जिलाधिकारी को दिए गए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में मांग की गई है कि ग्राम पंचायत अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी शैक्षिक योग्यता इंटर मीडिएट के स्थान पर स्नातक किया जाए व अधिमानी शैक्षिक योग्यता सीसीसी प्रमाण पत्र के स्थान पर ओलेबिल कम्पयूटर किया जाए। ग्राम विकास अधिकारी एवं ग्राम पंचायत अधिकारी का वेतनमान 5200-20200 ग्रेड वेतन 2800 रुपये अर्थात सातवें वेतन आयोग की मैट्रिक्स के सापेक्ष लेबिल पांच पर प्रारंभिक मूल वेतन 29200 रुपये प्रदान किया जाए। सीधे भर्ती के सापेक्ष प्रोन्नति पद कम से कम तीस प्रतिशत स्रजित कर समय से दस वर्ष पर प्रथम प्रोन्नति, सोलह वर्ष पर द्वितीय प्रोन्नति एवं 26 वर्ष पर तृतीय प्रोन्नति प्रदान की जाए। समय से 10, 16 एवं 26 वर्ष पर प्रोन्नति न दे पाने की स्थिति में प्रोन्नति पद का वेतन एसीपी की अनुमन्यता प्रदान की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों का समाधान नही कराया जाएगा तो 23 अप्रैल को ग्राम विकास अधिकारी एवं ग्राम पंचायत अधिकारी संवर्ग के तीन सूत्रीय मांगों के समर्थन में लक्ष्मण मेला पार्क लखनऊ में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया जाएगा। विकास भवन उरई परिसर में आयोजित धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए ग्राम पंचायत अधिकारी बालेन्द्र सिंह ने कहा कि पंचायत सचिवों को विभागीय कार्यो के साथ-साथ दूसरे विभागों के कार्यो की जिम्मेदारी होती है। इसके बाद भी उनकी बाजिब मांगों के समाधान में सरकार हीलाहबाली कर रही है।






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