उरई। महान समाज सुधारक,सती प्रथा का अंत करने वाले, स्त्री शिक्षा के प्रणेता, छुआछूत जैसी कुरीति के खिलाफ आंदोलन चलाने बाले, हक बंचितों को उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ने बाले महात्मा ज्योतिबा फूले की जयंती के अवसर पर एससी,एसटी व आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति तथा ड़ा अम्बेडकर युवा समाज सुधार समिति ने एक विचार गोष्ठी कर महात्मा फुले के जीवन संघर्ष पर प्रकाश डाला।

विचार गोष्ठी का आयोजन वरिष्ठ शिक्षक प्रमेन्द्र पाल सिंह जी के निवास पर हुआ।गोष्ठी की अध्यक्षता बरिष्ठ समाजसेवी प्रमोद कुमार ने की। तथा संचालन वीरेंद्र बौद्ध ने किया। एससी, एसटी बेटवा के जिला संयोजक रामप्रकाश गौतम ने महात्मा ज्योतिबा फुले के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि महात्मा फुले की मां का परिनिर्वाण बचपन में ही हो गया था। उनके पिता ने बालक ज्योतिबा को माता-पिता दोनों का प्यार दिया और उनकी शिक्षा दीक्षा में कोई कमी नहीं आने दी। आगे चलकर यही बालक महान समाज सुधारक बना । जिसने भारतीय समाज को एक नई दिशा दी।ऐसे महापुरषों से हमें प्रेरणा ले कर समाज को भटकने से बचाना चाहिये। इस मौके पर राजेन्द्र सिंह, गजराज सिंह, सुंदर सिंह शास्त्री, भूपेंद्र दोहरे, श्रद्धानन्द आदि समाज सेवी उपस्थित रहे।

 

Leave a comment