
उरई। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने विपक्षी सरकारों पर तंज कसा कि उन्होंने योजनाओं का लाभ जाति, धर्म और क्षेत्र के आधार पर दिया। जिससे चंद लोगों का भला हुआ। एक साल से प्रदेश में यह स्थिति बदली है। अब सरकारी योजनाओं का लाभ उत्तर प्रदेश की पूरी 22 करोड़ जनता को मिल रहा है।
शुक्रवार को स्थानीय राजकीय इंटर कालेज मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने अपनी सरकार की तमाम उपलब्धियां गिना डाली। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद से 8 लाख 85 हजार झोपड़ी वालों को पक्के मकान दिये जा चुके हैं। खुले में शौच मुक्त करने के लिए 40 लाख निजी शौचालय सरकारी सहायता से बनवाये गये हैं। 32 लाख लोगों को निःशुल्क विद्युत कनेक्शन योजना का लाभ दिया गया है। 65 लाख से अधिक लोग मुफ्त में गैस सिलेंडर देकर उज्जला योजना में लाभान्वित किये गये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बिजली के लिए कोई वीआईपी जिला नही है। सभी 75 जिलों के जिला मुख्यालयों को 24 घंटे और ग्रामीण क्षेत्र को 20 घंटे विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था कर दी गई है। उन्होंने कहा कि पहले गरीबों के राशनकार्ड अमीर हथियाये हुए थे नये सिरे से सभी राशनकार्डों का सत्यापन कराया गया और प्रत्येक अति निर्धन परिवार को अंत्योदय कार्ड उपलब्ध कराया गया।
योगी ने बताया कि उत्तर पद्रेश में 4 लाख लोगों को विभिन्न विभागों में सरकारी नौकरियां दी जायेगीं। इसके लिए भर्ती शुरू हो गई है। चयन की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और स्वच्छ बनाया गया हैं तांकि कोई भी मेधावी नौजवान नौकरी से वंचित न रह सके।
भाषण के पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने 149 परियोजनाओं का लोकार्पण किया जबकि 126 नई योजनाओं का शिलान्यास किया। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि जिन कार्यों का शिलान्यास आज किया गया है उन्हें गुणवत्तापूर्ण ढंग से समय सीमा के अंदर पूरा कराया जाये अन्यथा उनकी खैर नही होगी। उन्होंने जन प्रतिनिधियों के साथ-साथ लोगों से भी इन कार्यों पर निगाह रखने को कहा। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि विकास के धन में कोई डकैती नही होनी दी जायेगी।
योगी आदित्य नाथ सुबह 11 बजकर 10 मिनट पर पुलिस लाइन स्थित हैलीपेड पर हैलीकाप्टर से उतरे और बाद में कार से 11 बजकर 20 मिनट पर सभा स्थल पर पहुंचे। उनके साथ सिचाई राज्यमंत्री धर्मपाल सिंह, जिले के प्रभारी मंत्री जयकुमार जैकी, पंचायती राज मंत्री डा. महेंद्र सिंह और परिवहन राज्यमंत्री स्वतंत्र देव भी थे। मंच पर उनका स्वागत सांसद भानुप्रताप वर्मा, कालपी के विधायक नरेंद्र पाल सिंह जादौन, माधौगढ़ के विधायक मूलचंद निरंजन आदि ने किया।
सभा के बाद मुख्यमंत्री ने राजकीय मेडिकल कालेज का निरीक्षण किया। प्राचार्य डा. सुरेश चंद्रा ने यहां दो दिन पहले ही कार्यभार संभाला है। जिसकी जानकारी होने पर मुख्यमंत्री ने अपना कार्यक्रम तत्काल खत्म कर दिया और वापस लौट गये। इसके बाद जिला पंचायत सभागार में उन्होनें जन प्रतिनिधियों से भेंट की। इसमें कई जनप्रतिनिधियों ने जिले में ओवर लोडिंग, सरकारी कार्यालयों में भारी भ्रष्टाचार, सरकारी अस्पतालों में बाहर की दवा लिखी जाने और शिक्षकों के स्कूल न जाने के कारण बेसिक शिक्षा की व्यवस्था लड़खड़ा जाने आदि शिकायतें उनके सामने रखी। इसके बाद उन्होंने जिला पंचायत सभागार में ही जालौन और हमीरपुर जनपदों की कानून व्यवस्था की समीक्षा की। इसमें कानपुर के एडीजी जोन अविनाश चंद्रा, झांसी के डीआईजी जवाहर और चित्रकूट के डीआईजी भी मौजूद रहे।






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