उरई। संविधान निर्माता डा. भीमराव अंबेडकर की शनिवार को कोंच में निकली शोभायात्रा में खास बात यह देखी गई कि जो नेता वर्षों से एक-दूसरे के विरोध में आगे रहते थे वे कार्यक्रम में एक साथ होकर सुर में सुर मिलाते दिखे।
कोंच के बस स्टैण्ड स्थित बौद्ध बिहार से बाबा साहब जयंती की विशाल शोभा यात्रा शुरू हुई जिसमें समाजवादी पार्टी के कई वरिष्ठ और जमीनी नेता लाल टोपी लगाकर शामिल हुए। दूसरी ओर उनके कंधे से कंधा मिलाकर बहुजन समाज पार्टी के कई मिशनरी नेता नीली टोपी लगाये जय भीम, जय भारत कहते चल रहे थे। सपा-बसपा की यह जुगलबंदी चर्चा का विषय रही।
शोभा यात्रा में अध्यक्ष के रूप में सपा नेता सरनाम सिंह को अगुवाई सौंपी गई थी। इस शोभा यात्रा की भीड़ देखकर विरोधी भौचक रह गये। शोभा यात्रा अमरचंद स्कूल, पुरानी स्टेट बैंक, भारत माता मंदिर, तहसील कार्यालय, छावला की पुलिया होती हुई नई स्टेट बैंक पहुंची और फिर यहां से गांधी नगर स्थित नगर पालिका कार्यालय पहुंची। बाद में गांधी नगर में ही दीनदयाल बाबूजी के बाड़े में इसका समापन हो गया।
शोभा यात्रा में संत रविदास, महर्षि बाल्मीकि, माता रमाबाई अंबेडकर, शिक्षा के जनक ज्योति बा राव फुले, संत गाडगे, वीरांगना झलकारी बाई, छत्रपति शाहूजी महाराज, मान्यवर कांशीराम और बिजली पासी आदि की बड़ी-बड़ी स्टेच्यू जुलूस की शोभा बढ़ा रही थी। उधर डा. अंबेडकर की विशाल स्टेच्यू ट्रैक्टर पर रखकर लोग प्रसाद वितरण कर रहे थे।
इस शोभा यात्रा में सरनाम सिंह, संजीव तिवारी, रामसेवक चैधरी, जितेंद्र राय, रेखा जाटव, ममता कुशवाहा, बसपा नेता काजी शिराजुददीन, जगजीवन राम अमीटा, सुरेश कुशवाहा, दीपू पेंटर, अंखड प्रताप सिंह, हल्के सिंह बघेल, रामशरण कुशवाहा, हरिश्चंद्र तिवारी, उमाचरण कुशवाहा, जुम्मन राइन, अवधेश चैधरी सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।
इस शोभा यात्रा पर जगह-जगह फूलों की वर्षा की गई। शीतल पेयजल, शर्बत, चाय, समौसा, कचैड़ी, लडडू आदि का खूब वितरण होता रहा। आयोजन समिति के सदस्य ओमप्रकाश प्रधानाचार्य, रविंद्रनाथ राम, छोटेलाल नेता, राजाबाबू, राजकुमार सैनी, सूर्य कुमार गौतम आदि शामिल रहे।

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