उरई। बाबा साहब डा. भीमराव अंबेडकर की 127वीं जयंती पर रविवार को अंबेडकर चैराहा स्थित पार्क के सामने एकत्र बुंदेलखंड दलित अधिकार मंच के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न राजनैतिक, सामाजिक संगठनों की हस्तियों के सहयोग से बहुजन फाउडेंशन के गठन की घोषणा की। इस दौरान स्टाल लगाकर बहुजन मिशन को आगे बढ़ाने के लिए संकल्प पत्र पर हस्ताक्षर कराये गये।
बुंदेलखंड दलित अधिकार मंच के संयोजक कुलदीप कुमार बौद्ध के नेतृत्व में एक दिसम्बर से जय भीम कारवां चलाकर 14 दिन तक गांव-गांव में लोगों को शिक्षित बनो, संगठित हो और संघर्ष करों के नारे के तहत लामबंद किया गया। इसका समापन आज बहुजन फाउंडेशन के गठन की घोषणा के साथ हुआ।
कुलदीप कुमार बौद्ध ने इस अवसर पर कहा कि पिछले कुछ वर्षों में सामाजिक आंदोलन कमजोर होने के कारण दलित और अन्य बहुजन समाज में धर्मभीरुता की जड़े मजबूत हुईं हैं। ऐसी परंपराओं का अनुकरण दोबारा बढ़ा है जो कि बहुजन समाज के आत्मसम्मान और गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं। साम्प्रदायिक आधार पर बहुजन समाज में बिखराव कराने में इसी के चलते पुनरुत्थानवादी शक्तियों को सफलता मिली है। राजनैतिक और सामाजिक स्तर पर भेदभाव व तिरस्कार के भुक्तभोगी होते चले जाने से बहुजन समाज का विवेक अब फिर जागृत होने लगा है। उन्होंने कहा कि भेदभाव मूलक सोच और रीतियों का सशक्त प्रतिकार न हुआ तो लोकतंत्र खत्म हो जायेगा और संविधान नष्ट हो जायेगा। उन्होंने कहा कि देश के मजबूत होने की फिक्र अल्पमतीय शासक वर्ग से ज्यादा बहुजन समाज को है क्योंकि किसी देश और समाज पर वास्तविक रूप से उन्हीं का अधिकार होता है जिनकी संख्या अधिक हो। उन्होंने कहा कि अल्पमतीय अधीनता स्वीकार करके बहुजन समाज ने स्वयं को पंगु बना लिया इसीलिए इस देश का गौरव नष्ट हुआ। अब बहुजन समाज को पिछलग्गू की भूमिका स्वीकार नही है। वह नेतृत्व करेगा तभी देश स्वतंत्र और समृद्ध बन सकेगा।
फाउंडेशन की प्रभारी रिहाना मंसूरी व रीता विश्वकर्मा ने कहा कि कोई भी मिशन तब कामयाब होता है जब उसमें महिलाएं अगुवाई करें। इसलिए बहुजन फाउंडेशन में महिलाओं को अग्रगामी भूमिका दी जायेगी जो बाबा साहब की सोच के भी अनुरूप होगा। रीना श्रीवास, नीलिमा, सीलेंद्र गौतम, पंचम सिंह, रामसिंह, प्रीति देवी, धर्मपाल राजपूत, सुरेंद्र पाल, रामकुमार गौतम, संजय बाल्मीकि, जितेंद्र यादव, नूर मोहम्मद आदि ने भी विचार प्रकट किये।
संकल्प पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में भग्गूलाल बाल्मीकि, बृजलाल खाबरी, अशोक गुप्ता, डा. सुमन, पुनीत भारती, बृज बिहारी, किरन चैधरी, उदयवीर, मनोज चैधरी, रामगोपाल वर्मा, सिद्धार्थ बौद्ध, संघरत्ना, रिंकी, डा. अमित कुमार, अजय कुमार, देवेंद्र कुशवाहा, रूपसिंह, डालचंद्र, वीरेंद्र बौद्ध, गिरीश प्रधान, परशुराम दोहरे, ब्रजेश प्रजापति, अतुल गौतम आदि मुख्य रहे।






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