उरई। कालपी क्षेत्र में बदमाशों के बड़े गिरोह के विचरण से हलकान पुलिस को उसकी नाक में नकेल डालने का रास्ता नही सूझ रहा। सिरसाकलार क्षेत्र में पुलिस ने इन बदमाशों की टोह में सांप निकल जाने के बाद लकीर पीटने की तर्ज पर काबिंग की। इस दौरान ग्रामीणों से बदमाशों के बारे में सुराग लेने की कोशिश की गई।
यूपी की इनकाउंटर वीर पुलिस वैसे तो प्रदेश में रोज कहीं न कहीं बदमाशों से मोर्चा लेकर उन्हें गिरफ्तार करने का दम भरती रहती है। लेकिन जहां उसका मुठभेड़ीय पराक्रम दिखना चाहिए वहां पर वह दुम दबाये हुए हैं।
इसका उदाहरण कालपी क्षेत्र में एक पखवारे से कहीं यहां, कहीं वहां प्रकट हो रहा नवोदित गिरोह है जिसके सदस्यों की संख्या डेढ़ दर्जन बताई जाती है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इसमें चार-पांच महिलाएं भी हैं। डकैतों के पास कम से कम चार रायफलें हैं व कई अन्य असलहे भी हैं। जाहिर है कि इतने ताकतवर हो चुके गिरोह से किसी थाने का सीमित फोर्स तो टक्कर ले नही सकता। उधर ऊपर बैठे अधिकारियों में इनके विचरण पर तब तक संज्ञान न लेने का निश्चय है जब तक इनके द्वारा कोई बड़ा खून-खराबा न कर दिया जाये। अभी तक पुलिस मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के जनपद आगमन को देखते हुए उनके स्वागत में पलक-पावड़े बिछाने में बिजी थी। इसलिए एनकाउंटर तो दूर पुलिस अभी तक यह पता नही लगा सकी है कि विचरण करने वाले बदमाश कौन हैं, किस गांव के रहने वाले हैं, उनके नाम क्या हैं, कौन सफेदपोश पर्दे के पीछे से उनका मनोबल बढ़ाने का काम कर रहे हैं बगैरह-बगैरह।
फिर भी मुख्यमंत्री के दौरे की डयूटी के थकान उतारकर सिरसाकलार थाने के प्रभारी निरीक्षक जाकिर हुसैन ने उपनिरीक्षक राहुल, कुछ सिपाहियों और दो पीएससी जवानों को लेकर धामनी, पिथउपुर और अटरा में चहल कदमी की। शायद पुलिस को भी पता था कि इस दौरान बदमाश उनके क्षेत्र में नही है इसलिए उनसे आमना-सामना होने का कोई जोखिम हो नही सकता। जाकिर हुसैन ने कई जगह जंगल से लौट रहे लोगों से पूंछा कि उन्होंने गिरोह को अपनी आंखों से क्या देखा है। देखा है तो कितने लोग थे, क्या हथियार थे, कितनी औरतें थीं, बोली कहां की लग रही थी, खाना बगैरह का इंतजाम क्या किये थे। पूंछतांछ की तमाम मशक्कत के बावजूद अभी बहुत काम की जानकारियां नही मिल पाईं हैं।
उधर विसंगति यह है कि एकाध क्राइम करके पुलिस के सामने सरेंडर के लिए मध्यस्थ ढंूढ़ रहे छुटभइयों पर तो 20 हजार, 25 हजार का इनाम उदारता पूर्वक घोषित किया जा रहा है जबकि उनका गिरफ्तार होना तय रहता है। लेकिन इतने बड़े गिरोह के बारे में काम की जानकारी आ सके इसके लिए इनाम घोषित करने का होश किसी को नही हैं। अब देखना है कि मुख्यमंत्री के दौरे से छुटटी पाने के बाद इस नवोदित गिरोह का फन कुचलने के लिए अधिकारी कोई सार्थक प्रयास करते हैं या नही।

Leave a comment