उरई। शातिर सिपाहियों के लिए तबादला नीति और नियम बेमानी हो जाते हैं। कुठौंद थाने में तीसरी बार तैनात हुए सिपाही नीरज का मामला इसका खुला उदाहरण है।
नीरज को उसकी दुधारू विशेषताओं के कारण मनचाही पोस्टिंग का विशेषाधिकार उपलब्ध कराया जा रहा है। लाल पल्सर इस सिपाही की पहचान बन चुकी है। उसे रात में ओवरलोड बालू के ट्रक पास कराने में महारथ हासिल है। इसके लिए प्रति ट्रक दो हजार रूपये सुविघा शुल्क मिलता है। नीरज उसे खुश करने वाले ट्रक चालकों को लोकेशन देने में अपने प्राइवेट साथी के साथ भूमिका निभा रहा है।
ओवरलोड ट्रकों को सैफ पैसेज दिलाने के अलावा नीरज की ख्याति सट्टा, जुआ और अवैध शराब की बिक्री करने वालों के मजबूत संरक्षणदाता के रूप में भी मानी जाती है। बहरहाल नीरज की बार-बार कुठौंद थाने में ही पोस्टिंग की वजह चाहे कुछ हो लेकिन उस पर यह महरबानी जिले के अधिकारियों की ईमानदार छवि पर भारी पड़ रही है।

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