उरई। एक लडकी को बंधक बनाकर घर में रखे जाने की सूचना पर रविवार को देर शाम गांव में कार्रवाई के लिए पहुंचे पुलिस दल पर ग्रामीणों ने भीषण पथराव किया। जिसके कारण थानाध्यक्ष की जीप बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। बाद में कई थानों की फोर्स फिर गांव पहुंची लेकिन इस बीच आरोपी फरार हो चुके थे। सोमवार की सुबह तीन नामजद और आठ अज्ञात लोंगों के खिलाफ पुलिस ने संगीन घाराओं में अभियोग कायम कर लिया है।
कुठौंद थाने में रविवार को बिहार के रोहतास जिले के दिनारा थानान्तर्गत बकरा गांव निवासी सिद्धांत सिंह ने सूचना दी थी कि दौलतपुर का रोहित यादव उसकी बहन संगीता को जबरन उठाकर अपने गांव ले आया है और बंधक बनाकर रखे हुए है। कुठोंद के थानाध्यक्ष सुनील तिवारी ने इस पर कार्रवाई करते हुए दौलतपुर में दविश दी। रोहित के परिजनों का कहना था कि सिद्धांत का आरोप झूठा है। रोहित ने संगीता से कोर्ट मैरिज की है और संगीता उसके साथ स्वेच्छा से यहां रह रही है। संगीता ने भी कहा कि रोहित उसका पति है और वह उसके ही साथ रहेगी। लेकिन पुलिस ने संगीता को इसके बावजूद थाने ले जाने की कोशिश की जिससे विवाद शुरू हो गया। इस दौरान उग्र हुए रोहित और उसके परिजनों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया जिससे थानाध्यक्ष की जीप यूपी 92 जी 0145 के सारे शीशे चकनाचूर हो गये। थानाध्यक्ष व फोर्स को अपने को बचाना मुश्किल पड़ गया और वे किसी तरह से मोकें से भाग सके।
बाद में उनकी सूचना पर गोहन, सिरसा कलार व जालौन से तमाम फोर्स व सभी चैकी इंचार्ज मदद के लिए भेजे गये। इसके बाद एक बार फिर पुलिस ने दौलतपुर में दबिश दी। लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुके थे। इस कारण पुलिस कुठौंद थाने की क्षतिग्रस्त जीप उठाकर लौट गई। इस बीच सोमवार की सुबह रोहित यादव उसके पिता विक्रम सिंह और चाचा संग्राम सिंह व आठ अज्ञात लोगों के खिलाफ कुठौंद के थानाध्यक्ष सुनील तिवारी की तहरीर पर भादवि की घारा 147, 332, 353, 504, 427 और 307 व 7 अपराध विधि संशोधन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। हालांकि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

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