उरई। दस्यु प्रभावित रहे कुठौंद थाना क्षेत्र में बदमाशों का आतंक नये सिरे से गहराता जा रहा है। सोमवार को यमुना पटटी के किनारे के गांव सीपुरा में एक संदिग्ध की गतिविधियों के कारण लोग आज दूसरे दिन भी भयभीत रहे। जालौन के क्षेत्राधिकारी संजय शर्मा ने बताया कि मामला उनकी जानकारी में आया है। बदमाशों को खदेड़ने के लिए काबिंग करवाई जा रही है एसओजी और सर्विलांस को भी बदमाशों का सुराग लगाने के लिए अलर्ट कर दिया गया है।
हुआ यह कि कुठौंद थाने की सीपुरा में सोमवार को एक संदिग्ध मलखान सिंह की झोपड़ी में मैले-कुचले कपड़ों में पहुंचा। उस समय मलखान सिंह घर पर नही थे उनकी पत्नी संध्या थीं। संदिग्ध ने उन्हें बताया कि प्यास के मारे उसका दम निकला जा रहा है इसलिए उसे जल्दी से पानी पिला दो। संध्या ने यह सोचकर कोई राहगीर है अपने पांच वर्ष के बच्चे को लोटे में पानी भरकर उसके पास भेजा। जब वह पानी पीने लगा तो संध्या ने उससे पूंछ लिया कि भैय्या कहां के हो तो उसने बता दिया कि वह रोमई से आ रहा है। इस पर संध्या का माथा ठनका और उसने कहा कि रोमई तो वर्षों पहले वीरान हो चुका है तुम वहां कहां रहते हो। इस पर वह सिटपिटा गया और बहानेबाजी करने लगा।
रात 9 बजे वही आदमी फिर संध्या की झोपड़ी में आ गया। उस समय उसने बदलकर अच्छे कपड़े पहन लिए थे। उसने संध्या से अपने और उस साथियों के लिए खाना मांगा तो संध्या समझ गई कि कोई बदमाश है। लेकिन संध्या के हावभाव बदलते देखकर उसने भी तेवर बदल दिए और बोला कि जो वह कह रहा है वो करों नही तो तुम्हें और तुम्हारे बच्चे को गोली मार दूंगा। संध्या किसी तरह से बच्चे को साथ लेकर झोपड़ी के पीछे से अपने पति के पास पहुंची जो चक्की पर आटा पीस रहे थे। उसने उन्हें सारी बात बताई और चिल्लाना शुरू कर दिया तो बदमाश भाग निकला। उसने नदी के तीर पर पहुंचकर बारियों की बाढ़ में आग लगा दी।
हल्ला होने पर शंकरपुर चैकी इंचार्ज कमल प्रताप मौके पर पहुंचे। उन्होंने महिला और गांव वालों से पूंछने के बाद आसपास बदमाशों को तलाशा लेकिन संदिग्ध का कोई पता नही चला।
गौरतलब है कि एक दशक पहले इस क्षेत्र में निर्भय गूजर, मंगली केवट, रामआसरे फक्कड़ कितने ही डकैत गिरोंहों का खुल्लम-खुल्ला विचरण रहता था जो आये दिन फिरौती के लिए ग्रामीणों को अपहरित कर ले जाते थे। जिससे तीन-चार बजे के बाद ही लोगों का घर से निकलना बंद हो कजाता था। एक बार फिर आतंक के उसी साम्राज्य के वापस लौटने की आशंका ने स्थानीय जनजीवन को विचलित करके रख दिया है। पुलिस के अधिकारी भी डकैत गिरोह के सिर उठाने के अंदेशे की वजह से बुरी तरह बैचेन हैं।

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