लखनऊ, उन्नाव की घटना की गूंज अभी जारी है कि इस बीच यूपी में महिलाओं से जुड़ी दो और सनसनीखेज घटनाओं के सामने आने के बाद कानून व्यवस्था पर योगी सरकार की पकड़ को लेकर उठ रहे सवालिया निशान और ज्यादा गहरा गये हैं।
इटावा जिले में मंगलवार को शौच के लिए गयी दो नाबालिग बहनों के शव खेतों में पड़े मिले। इन बहनों की गोली मारकर हत्या की गई है। थाना बसरेहर के कैलामऊ गांव में हुई इस घटना को लेकर प्रारम्भिक सूचनाओं के अनुसार अनुमान जाहिर किया जा रहा है कि दोनों के साथ पहले रेप की कोशिश की गई जिसमें नाकाम रहने पर दरिन्दों ने उन्हें गोली से उड़ा दिया।
पूरे जिले को हिलाकर रख देने वाली इस घटना की जांच के लिए डीएम, एसएसपी भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गये हैं। फोरेंसिक टीम भी घटना स्थल पर जांच में जुटी है। शव के पास से शराब की खाली बोतलें मिली हैं। घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। क्षेत्र की भाजपा विधायक सरिता भदौरिया भी घटना स्थल पर मौजूद हैं।
उधर एटा में बीती रात लगभग डेढ़ बजे कोतवाली क्षेत्र में विवाह समारोह में शामिल होने आयी आठ साल की मासूम बच्ची की दुष्कर्म के बाद गला घोंटकर हत्या कर दी गई। हालांकि शीतलपुर में मंडी समिति के पास हुई इस घटना के आरोपी सोनू जाटव को गिरफ्तार कर लिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अखिलेश कुमार चैरसिया घटना स्थल पर पहुंच गये हैं।
योगी सरकार ने वर्ण व्यवस्था के चश्में से अधिकारियों की योग्यता और क्षमता को नापने का पैमाना लागू किया है। इसके बाद वारदातों का ताण्डव बढ़ता ही जा रहा है जिससे कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने के उनके दावे खोखले साबित होते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री पैदायशी तौर पर कामयाबी का प्रमाण पत्र लेकर धरती पर अवतार लेने वाले इन अधिकारियों पर कार्रवाई करने का पाप भी नहीं कर सकते इसलिए अधिकारी चाहे जितनी वारदातें हो जाये बेफिक्र रहते हैं।
योगी आदित्यनाथ ने लौहपुरूष बनने के लिए लक्षित मुठभेड़ों का जो अभियान चलाया था उससे जिनका सफाया होना है उनका तो हो रहा है लेकिन असली अपराधियों की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ा है।

Leave a comment