
* किसानों ने लिखित शिकायत की कि पल्लेदारी के नाम पर बसूले जा रहे हैं पचास से साठ रुपये तक
कोंच–उरई । सरकारी गेहूं खरीद केन्द्रों पर किसानों की जेबों पर पडऩे बाले डाके की बात उस वक्त सामने आ ही गई जब इलाकाई विधायक मूलचंद्र निरंजन और एसडीएम सुरेश सोनी निरीक्षण के लिये एक साथ क्रय केन्द्रों पर पहुंचे। विधायक और अधिकारियों को आया देख कई केन्द्र संचालक अपने केन्द्र छोड़ भाग खड़े हुये, साथ ही किसानों का माल तौल रहे पल्लेदार भी मौके से नदारत हो गये। किसानों ने एसडीएम और विधायक को बताया कि उनके साथ केन्द्रों पर खुली लूट की जा रही है। तमाम किसानों ने लिखित में भी शिकायत दी कि पल्लेदारी के नाम पर उनसे पचास से लेकर साठ रुपये तक की अबैध बसूली की जा रही है। विधायक ने तत्काल ऐसे केन्द्रों के खिलाफ कार्यवाही करने और उन्हें बंद कराने के लिये एडीएम को फोन पर कहा।

इन सरकारी गेहूं क्रय केन्द्रों पर किसानों के साथ होने बाली अनियमितताओं की कहानी कोई नई नहीं है। इन केन्द्रों के बहाने तमाम अनर्गल काम करने का लाइसेंस इन केन्द्र संचालकों के हाथों में आ जाता है जिसके चलते ये केन्द्र संचालक मनमानी पर आमादा रहते हैं। दिन में औपचारिकता निभाने के लिये थोड़ा बहुत माल किसानों का लिया जाता है और रात के अंधेरे में व्यापारियों के माल तौलने के लिये कांटे लग जाते हैं। मजदूरी के नाम पर किसानों की जेबें हल्की की जाती हैं और जब किसान आवाज उठाने की कोशिश करता है तो उसका माल नहीं तौलने की धमकियां देकर उनका मुंह बंद करा दिया जाता है। ऐसी तमाम शिकायतें मिलने के बाद गुरुवार को इलाकाई विधायक मूलचंद्र निरंजन ने खुद हालातों का जायजा लेने का मन बनाया। उन्होंने एसडीएम सुरेश सोनी को भी अपने साथ लिया और निकल पड़े केन्द्रों की कारगुजारी की छानबीन करने। जैसे ही विधायक और एसडीएम का काफिला इन क्रय केन्द्रों पर पहुंचा वहां खलबली मच गई। एफसीआई, नैफेड, एग्रो, आरएफसी, पीसीएफ, मां शारदा आदि केन्द्रों पर काम ठीक ठाक मिला लेकिन खरीदे गये माल की उठान नहीं होने से जगह की दिक्कत इन केन्द्र संचालकों ने बताई। एलएसएस जुझारपुरा तथा क्रय विक्रय में वारदाना नहीं होने से गेहूं खरीद बंद हो गई है। विधायक और एसडीएम जैसे ही वे मातृ कृषि उत्पादन केन्द्र पर पहुंचे, हड़कंप मच गया और वहां के सभी जिम्मेदार लोग तथा पल्लेदार मौके से भाग गये जिसके चलते दाल में काले की आशंका बलवती हो गई लेकिन वहां इनके सवालों का जबाब देने बाला कोई नहीं था। वहां मौजूद किसानों रामशरण चांदनी, कौशल विरगुवां, रामजी अंडा, सुल्तानखां आदि किसानों ने उन्हें लिखित में शिकायत दी कि उनसे पल्लेदारी के नाम पर पचास से लेकर साठ रुपये तक की अबैध बसूली की जा रही है। इस स्थिति को लेकर विधायक ने एडीएम से फान पर वार्ता करके केन्द्र के खिलाफ कार्यवाही करने और उसे तत्काल बंद करने के लिये आदेश करने को कहा। एसडीएम ने भी अपनी रिपोर्ट बना कर एडीएम को भेजी है। किसानों की परेशानी को देखते हुये एसडीएम ने केन्द्र संचालकों से कहा कि जिनके यहां ज्यादा माल है वे रात में तौलाई कर सकते हैं ताकि किसानों को परेशान न होना पड़े।
कार्यवाही होगी या यूं ही लुटते रहेंगे किसान
क्रय केन्द्रों पर मची धांधलियों को लेकर किसानों की ओर से की गई लिखित शिकायतों के बाद भी किसानों को अंदेशा है कि इन केन्द्रों के खिलाफ शायद ही कोई कार्यवाही हो। उनकी आशंका में इस लिये भी बल है कि पिछले दिनों अलस्सुबह तौलाई होने की शिकायत मिलने पर अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे थे लेकिन जैसे गये थे वैसे ही बिना कोई कार्यवाही बापिस भी लौट गये। हालांकि बाद में इस बाबत जब एसडीएम से पूछा गया था तो उन्होंने भी गड़बड़ी की आशंका से इंकार नहीं किया था और जांच जारी रखने की बात कही थी किंतु नतीजा ढाक के तीन पात से आगे नहीं बढा था। गुरुवार को भी विधायक और एसडीएम ने सब कुछ अपनी आंखों से देखा भी और किसानों की जुबानी सुना भी, इसके बाद भी अगर कार्यवाही नहीं होती है तो किसानों को लुटने से कोई नहीं बचा सकता है।
यदि आरोप सही हुये तो निरस्त होगा केन्द्र-विधायक
गुरुवार को गेहूं क्रय केन्द्र के निरीक्षण के दौरान किसानों ने विधायक मूलचंद्र निरंजन के समक्ष अबैध बसूली की खुली शिकायत की है जिसे लेकर विधायक भी गंभीर हैं। उन्होंने कहा है कि किसानों ने जो आरोप लगाये हैं उनकी जांच कराई जा रही है, यदि अबैध बसूली के आरोप सही सिद्घ होते हैं तो केन्द्र के खिलाफ आवश्यक कार्यवाही तो होगी ही, केन्द्र को निरस्त भी कराया जायेगा।






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