कोंच—उरई । रेल विभाग की तानाशाही के खिलाफ गुरुवार को सतोह गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने उग्र प्रदर्शन किया और कोंच-एट रेल ट्रैक पर आ डटे। ग्रामीणों ने एट से कोंच आ रही शटल ट्रेन को रोक दिया जिससे तकरीबन पंद्रह मिनट बिलंब से ट्रेन चल सकी। सतोह के एक किसान सौरभ की जमीन को बिना मुआवजा दिये रेल विभाग द्वारा हथिया लिये जाने को लेकर ग्रामीणों की नाराजगी सामने आई है। मौके पर पहुंची एट पुलिस ने ग्रामीणों को समझा बुझा कर शांत कराया तब ट्रेन अपने गंतव्य को जा सकी। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन भी एसओ एट चंद्रशेखर दुवे को दिया।

 

 

तहसील कोंच के ग्राम सतोह में गांव के बाहर से रेल लाइन निकली है जिस पर एट-कोंच शटल का परिचालन होता है। रेल विभाग वहां मानव रहित क्रॉसिंग संख्या 169 सी बंद कर वहां अंडर पास बनाने की जुगत में है जिसके चलते विभाग के अभियंताओं ने वहां खुदाई का काम लगा दिया। जिस जगह रेल विभाग खुदाई करवा रहा है वहां सतोह निवासी सौरभ पटेल का गाटा संख्या 640 रकवा 4.5610 खेत पड़ता है। सौरभ का आरोप है कि बिना उसकी सहमति लिये रेल विभाग ने उसके खेत में अतिक्रमण कर लिया है और खुदाई कर दी है जिससे नाली भी क्षतिग्रस्त हो गई है जिससे आपास के खेतों में भी पानी भरने की आशंका बलवती हुई है। राजस्व विभाग ने भी जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रशासन को दी है जिसमें लेखपाल की जांच आख्या इस बात की तस्दीक करती है कि गाटा संख्या 640 व 597 में रेल विभाग बिना मुआवजा दिये अंडरपास बना रहा है। इस संबंध में उसने अधिकारियों को कई बार लिखित रूप से भी अवगत कराया लेकिन तानाशाही रवैया अपनाये रेल विभाग ने उसकी शिकायतों को दरकिनार करते हुये जबर्दस्ती अपना काम जारी रखा हुआ है। रेल विभाग के इस रवैये से खफा गांव के सैकड़ों लोग गुरुवार की दोपहर रेल ट्रैक पर आ डटे और एट से कोंच जा रही शटल ट्रेन को रोक दिया। सूचना पर एसओ एट चंद्रशेखर दुवे दल बल के साथ पहुंच गये और ग्रामीणों को किसी तरह समझा बुझा कर ट्रैक खाली कराया तब कहीं जाकर ट्रेन तकरीबन पंद्रह मिनट की देरी से गंतव्य की ओर रवाना हो सकी।

 

 

राजस्व विभाग की भी नहीं मानी-सौरभ

 खेत मालिक सौरभ पटेल का कहना है कि रेल विभाग राजस्व विभाग के निर्देशों को भी मानने से इंकार कर रहा है। उसका कहना है कि उसने जिलाधिकारी महोदय के यहां भी शिकायत की थी जिस पर कोंच एसडीएम द्वारा की गई जांच में उसके खेत में रेल विभाग द्वारा अतिक्रमण करना बताया गया था और 25 मार्च को वहां काम कर रहे रेल विभाग के कर्मचारियों को एसडीएम ने फोन पर वार्ता कर काम रोक देने तथा ग्रामीणों से वार्ता कर समस्या का निदान करने के बाद ही काम शुरू करने के निर्देश दिये थे लेकिन उन्होंने एसडीएम के निर्देश भी नहीं माने।

 

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