उरई। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कदौरा में इलाज के लिए लाये गये 6 वर्षीय बालक की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। खबर पाकर पुलिस मौके पर पहुंची। उसने किसी तरह उत्तेजित भीड़ को शांत किया और शव को सील कर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। बच्चे की मां ने अस्पताल के प्रभारी चिकित्साधिकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए थाने में तहरीर दी है।
कदौरा थाने के पतरेहटा ग्राम पंचायत के मजरा रघुराजपुर के निवासी शालिगराम का 6 वर्षीय बेटा संदीप कुमार कई दिनों से बीमार था। पहले उसका उपचार आसपास के प्राइवेट डाक्टरों से कराया जाता रहा। सोमवार को हालत बिगड़ने पर उसकी मां मुलिया बच्चे को लेकर कदौरा के सरकारी अस्पताल में आई। उसका आरोप है कि प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. एसडी चौधरी के सामने जब वह बच्चे को लेकर गई तो उन्होंने देखने से इंकार कर दिया। उसके गिड़गिड़ाने के बाद भी डा. चौधरी नही पसीजे। इसी दौरान बच्चे ने दम तोड़ दिया।
बच्चे की मौत की खबर मुलिया ने गांव के लोगों को भी फोन पर दे दी जिससे कई ग्रामीण आ पहुचे। मुलिया उसके परिजनों और ग्रामीणों ने देखते-देखते अस्पताल में बच्चे की मौत को लेकर बबाल शुरू कर दिया। खबर पहुंचने पर कदौरा के थानाध्यक्ष अशोक कुमार उपाध्याय फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने गुस्साये लोगों से बात की और कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें शांत कराया। इसके बाद उन्होंने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
इस बारे में डा. एसडी चौधरी से बात की गई तो उनका कहना है कि बच्चा जब उनके सामने लाया गया तो उसकी हालत बेहद गंभीर थी। वह श्वास और चेचक से पीड़ित था। उन्होंने उसे देखा वे बच्चे को रेफर कर पाते इसके पहले ही बच्चे ने दम तोड़ दिया। जबकि थानाध्यक्ष अशोक कुमार उपाध्याय का कहना है कि बच्चे की मां की तहरीर उन्होंने ले ली है। इस बीच वे पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले में आगे की कार्रवाई करेगें
उधर पथरेहटा के पूर्व प्रधान सेवा राम ने बताया कि 10 दिन पहले मुलिया की पुत्री की मौत भी विचित्र बीमारी के कारण हो चुकी है। उसका बड़ा लड़का भी रहस्यमय बीमारी से पीड़ित है। गांव में कई अन्य बच्चे भी रहस्यमय बीमारी के शिकार हैं। उन्होंने इसकी सूचना डा. चौधरी को कई दिन पहले दी थी लेकिन डाक्टर चौधरी ने अभी तक गांव में कोई टीम नही भेजी है।






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