0 प्रति टैक्सी एवं ईरिक्शों से दो रुपये, लोडर, पिकअप, बैन पांस सौ रुपये, ओवरलोड ट्रक दो रुपये नजराना लेकर कर रहे पास

उरई। जहां पर मौजूदा भाजपा सरकार ने चुनावी घोषणा में मोटे अक्षरों में स्लोगन लिखी पख्तियां चिपकाकर जनता को संदेश दिया था कि न रहेगा भ्रष्टाचार न रहेगा गुंडाराज लेकिन वर्तमान में ऐसा कुछ नजर नही आ रही है। रोज-रोज नई-नई अपराधिक घटनाएं हो रही है और वहीं भ्रष्टाचार भी चरम सीमा लांघता नजर आ रहा है। इसकी बानगी उरई शहर में तैनात टीएसआई शिवप्रसाद सिंह की अवैध वसूली से देखा जा सकता है।

आपको बता दंे कि शहर के अंदर टैम्पू एवं ई रिक्शा सैकड़ों की संख्या में संचालित हो रहे है जिसने रूट निर्धारित है लेकिन टीएसआई शिवप्रसाद सिंह प्रति वाहन से दो सौ रुपये अवैध वसूली करके बिना नियम संयम के छुट्टा किसी भी रूट जा गुजरने की छुट्टी दिये है। जिसका परिणाम शहर में आये दिन जाम की समस्या देखने को मिल रही है। इतना ही नही टीएसआई सुबह सात बजे से अपने दलबल के साथ कोंच बस स्टैंड पहुंच जाते है और झांसी जाने वाले डग्गागार बाहन, मैजिक, बैन, लोडर, व अन्य वाहनों से पांच सौ रुपये प्रति वाहन की अवैध वसूली करते है। इसके बाद शहर के कालपी स्टैंड, कोटरा स्टैंड, करमेर रोड, हाईवे पुल के पास झांसी रोड बड़ागांव के पास, संकट मोचन हाईवे रोड आदि स्थानों पर जहां डग्गामार वाहन खडे़े होते है। वहां जाकर अवैध वसूली करके दोपहर के बाद दो तीन बजे तक वापस लौटते है। टीएसआई को इस भीषण गर्मी में शहर में फंसे लोगों की चिंता नही रहती है। उन्हें केवल अवैध उगाही से जेब भरने की चिंता लगी रहती है यही कारण है कि टीएसआई सुबह सात बजे से दोपहर बाद तीन बजे तक इन उल्लेखित स्थानों पर जरूर दिखाई देते है। टीएसआई शिवप्रसाद सिंह की जब इन छोटे वाहनों के द्वारा अवैध वसूली से जी नही भरता है। तो वे बड़े वाहनों ट्रक व लग्जरी बसों से भी दो हजार रुपये अवैध वसूली कर उन्हें गुजरने की इजाजत देने से नही चूक रहे है। आपकों बात दें कि कोंच स्टैंड पर झांसी के लिए बीस लोडर, जीप कमांडर आदि डग्गामार वाहन पकडे़ और कोटरा स्टैंड पर 18 मारूति बैन, मैजिक, जीप आदि डग्गामार वाहन चलते है वहीं कालपी स्टैंड पर कालपी व कदौरा जाने वाले 22 वाहन चलते है। इसके अलावा शहर में तीन ईरिक्शा और 4200 टैम्पों चल रहे है अब अंदाजा लगा सकते है कि ईरिक्शा व टैम्पों से दो रुपये लोडर, बैन, जीप, कमांडर आदि पांच सौ रुपया और बडे़ वाहनों बसों व ट्रकों से दो हजार रुपया टीएसआईक शिवप्रसाद सिंह महोदय दिनदहाड़े अवैध उगाही करके लाखों रुपये प्रतिमाह कमाकर जेब भरने में लगे है। इस बात की प्रशासन को भनक भी नही अगर प्रशासन को भनक है तो सिद्ध होता है कि टीएसआई के इस भ्रष्टाचारी खेल में उच्चाधिकारियों की मिलीभगत है और शासन प्रशासन के वादों इरादों को ताक में रखकर ठेंगा दिखाया जा रहा है और उल्टा स्लोगन तैयार होता नजर आ रहा है कि न हटेगा गुंडाराज और न हटेगा भ्रष्टाचार। जिला प्रशासन को चाहिए कि गुप्त तरीके से टीएसआई की करतूत की जांच कराई जाए।

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