उरई। दलित महिला की दुष्कर्म के दौरान मौत के मामले में पुलिस कार्यालय के सामने शव रखकर परिजनों द्वारा शुरू किये गये धरने से स्थिति संगीन हो गई थी। पुलिस को गले की हडडी बने इस मामले से उबारने में पूर्व सांसद घनश्याम अनुरागी का योगदान महत्वपूर्ण रहा।
उन्होंने एक ओर पीड़ित परिवार की पूरी शिददत से पैरवी की। दूसरी ओर न्याय दिलाने के लिए सांत्वना और आश्वासन देते हुए उसे धैर्य रखने को भी समझाया। इसके कारण आखिर मृतका के परिजनों का गुस्सा ठंडा पड़ गया।

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