उरई। रामपुरा थाने में दो दिन पहले हुई 13 वर्षीय बालक की हत्या के मामले में हिरासत में लिए गये उसके साथी को 48 घंटे बाद पुलिस ने शुक्रवार को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया। इस बीच हत्या में शामिल दो अन्य आरोपी अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। जबकि उनके नाम तत्काल ही उजागर हो गये थे।
पुलिस के अनुसार इस मामले में पकड़े गये ओमजी पुत्र शिवकुमार पचैरी निवासी टीहर ने हत्या की बात कबूल करते हुए कहा कि उसने साथियों के साथ 30 लाख रुपये की फिरौती की मांग के लिए अंकित उर्फ मिटठू राजावत का अपहरण किया था। लेकिन वह झगड़ पड़ा जिसकी वजह से उसकी हत्या हो गई।
फरार आरोपियों में अखिल पचैरी मुख्य आरोपी ओमजी का चाचा है। जबकि उसका एक और सहयोगी सौरभ भदौरिया इंदौर का रहने वाला है। बताया यह जाता है कि हत्या मुख्य रूप से चारित्रिक कारणों से अंजाम दी गई। लेकिन लोकलाज की वजह से इसे फिरौती के लिए अपहरण का रूप दे दिया गया है।

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