कोंच-उरई । एक किसान ने केसीसी खाते का पूरा ऋण छह साल पहले ही अदा कर दिया था और इसके बाद उसने कोई ऋण भी नहीं लिया लेकिन इसके बाबजूद बैंक खाते में वह 1 लाख 41 हजार 500 का बकायेदार है। पीडि़त ने जिलाधिकारी से मामले की शिकायत की है। बैंक सूत्रों की अगर मानें तो उसका जमा पैसा किसी दूसरे के खाते में चला गया था जिसकी रिकबरी का प्रयास किया जा रहा है।

गुलाब सिंह पुत्र लच्छीराम निवासी फुलैला ने जिलाधिकारी को भेजी शिकायत में कहा है कि उसके पिता लच्छीराम पुत्र उमराव ने इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक शाखा कोंच से केसीसी बनवाया था और उस पर कर्ज लिया था लेकिन ऋण का पूरा पैसा 1 लाख 16 हजार 500 वह 9 अगस्त 2012 को जमा कर चुका था और इसके बाद उसके पिता ने कोई कर्ज नहीं निकाला। उसका पिता 25 अप्रैल 2018 को बैंक शाखा गया और अपना खाता दिखाने को कहा तो उसमें उसके खाते से 4 जुलाई 2013 को 85 हजार रुपये की निकासी दर्शाई गई है जबकि उसने यह रकम नहीं निकाली है। यह रकम मय ब्याज के अब बढ कर 1 लाख 41 हजार 500 हो गई है। उसने मामले की जांच कर उसे न्याय दिलाने की मांग की है। हालांकि अब बैंक में तत्कालीन स्टाफ नहीं है लेकिन सूत्रों की अगर मानें तो इसमें बैंक की ही गलती है क्योंकि किसान ने जो पैसा ऋण की अदायगी में जमा कराया था वह भूलवश किसी दूसरे खाते में चला गया था और उक्त खातेदार भी वह पैसा निकाल कर ले गया। बैंक प्रशासन उससे उक्त पैसे की रिकबरी के प्रयास में है।

 

 

 

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