उरई। रामपुरा में पुलिस निरंकुशता के कारण संगीन मामलों की लीपापोती से भी बाज नही आ रही। गत दिनों ग्राम टीहर में हुई एक बालक की हत्या के मामले में दो फरार अभियुक्तों के लिए रामपुरा पुलिस के ढुलमुल हो जाने से लोगों को उसकी नीयत पर संदेह गहरा गया है।
रामपुरा पुलिस पर हत्या तक के मामले में लीपापोती की अमानवीय करतूत का आरोप लगाया जाने लगा है। गुरुवार को टीहर के शिवशंकर सिंह के साथ दर्जनों लोग जिला मुख्यालय पर पुलिस अधीक्षक से मिले। शिवशंकर सिंह के पुत्र अंकित उर्फ मिटठू (13वर्ष) की गत 22 मई को अपहरण के बाद नृशंस हत्या कर दी गई थी। इस मामले में गांव के ही ओमजी पचौरी पुत्र शिवकुमार पचौरी को पकड़ा गया था। इसके अलावा दो और नाम जिनमें एक ओमजी का चाचा अखिलेश और दूसरा सौरभ भदौरिया शामिल था, प्रकाश में आये थे।
पहले तो पुलिस ने उक्त आरोपियों को भी गिरफ्तार करने की तत्परता दिखाई लेकिन बाद में संदेह है कि आरोपियों से उसका कुछ सौदा पट गया। जिसके चलते अब वह उनकी गिरफ्तारी से मुंह चुरा रही है। दूसरी ओर शिवशंकर सिंह को आशंका है कि रामपुरा पुलिस से आरोपियों को शह मिलने की वजह से उनके साथ भी कोई अनहोनी हो सकती है। पुलिस अधीक्षक ने उनकी शिकायत को बेहद गंभीरता से लिया और निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया।

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