जालौन-उरई। सामूहिक विवाह के माध्यम से दहेज रूपी दानव का सफाया किया जा सकता है। इस परंपरा से शादियों में होने वाली फिजूलखर्ची पर भी रोक लगती है। यह बात खंड विकास अधिकारी लोकनाथ राजपूत ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत क्षेत्र पंचायत कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में कही।
इस दौरान पं. उमेश दुबे ने मंत्रोच्चारण के साथ वैदिक रीति-रिवाज से कई जोड़ों के फेरे डलवाये। द्वारचार के साथ जयमाला व अन्य रस्में पूरी हुईं। इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी लोकनाथ राजपूत तथा सहायक विकास अधिकारी समाज कल्याण ज्ञानेंद्र राजपूत ने सरकार द्वारा दिये गये उपहार मोबाइल फोन, डिनर सैट, पायल-चांदी, मंगलसूत्र, बिछिया तथा दो साड़ी और शाल प्रत्येक जोड़े को भेंट किये।
कार्यक्रम में सोना बिरिया खुर्द और प्रदीप कुसमरा, प्रीति रिनियां और शिवमंगल धरमपुरा, आरती चमारी और सचिन मोहल्ला तोपखाना, अर्चना उरगांव और जितेंद्र चमेंड़, कोमल सुरावली और मंगल जगनेवा, पूजा गोहरा और मोहित सदूपुरा अग्नि को साक्षी मानकर जनम-जनम के लिए एक-दूजे के हो गये।
कार्यक्रम में ब्लाक प्रमुख तिलक चंद जाटव, मनीष निरंजन, महेंद्र राजावत, गौरव कुमार, श्यामू आदि ने उपस्थित रहकर वर-वधू को आशीर्वाद दिया और उनके सफल वैवाहिक जीवन की मंगल कामना की।






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