
पूर्व प्रधानमंत्री वी पी सिंह की 87वीं जयंती के मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि समाजवाद के कुछ बड़े नेताओं को छोड़ दीजिए तो ज्यादातर समाजवादी नहीं व्यक्तिवादी हो गए हैं। समाजवादी यदि एकजुट हो कर रहते तो कांग्रेस कब की समाप्त हो जाती। मुख्यमंत्री ने कहा, ”वीपी सिंह ने मामूली त्याग नहीं किया। समझौतावादी रास्ता अपनाते तो उनकी सरकार चलती रहती। उन्होंने किसी प्रकार का समझौता नहीं किया और मंडल कमीशन लागू किया। मंडल कमीशन के लिए उपवास करने के कारण वीपी सिंह को किडनी की समस्या हुई। आज भी हम कोशिश कर रहे हैं बिना समझौते के काम करें। हम हर तबके और राज्य के हर इलाके की सेवा कर रहे हैं।”

इस मौके पर रामविलास पासवान ने कहा, ”वीपी सिंह और जेपी (जयप्रकाश नारायण) दोनों का आंदोलन भ्रष्टाचार के खिलाफ था। वीपी सिंह चाहते तो 5 से 10 साल तक पीएम रहते। दलित अपनी लड़ाई लड़ते हैं यह महत्वपूर्ण नहीं। महत्वपूर्ण यह है कि ऊंची जाति के लोग दलितों की लड़ाई लड़ रहे हैं। बाबा साहेब आंबेडकर की तस्वीर सेंट्रल हाल में वीपी सिंह ने लगवाई। मंडल कमीशन को लागू वीपी सिंह ने किया। हम दलित हैं और दलितों के नाम पर राजनीति करते हैं। वीपी सिंह यह सब नहीं सोचते थे।”





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