उरई, 29 जून (हि.स.)। कोतवाली क्षेत्र में 22 जून को करमेर रोड के पास हाइवे पर मिनौरा कालपी के पास गोली से मारे गये व्यक्ति की शिनाख्त के बाद उसकी हत्या में शामिल तीन लोगों को गिरफ्तार करने में पुलिस सफल हो गई है। आरोपियों में दो सगे भाई और एक महिला शामिल है। पुलिस का दावा है कि हत्या में प्रयोग किये गये तमंचे और शव ढोने के लिए इस्तेमाल की गई स्कार्पियो भी बरामद करने में सफलता हासिल कर ली गई है।
गौरतलब है कि उक्त घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। बाद में मृतक की पहचान फूलसिंह राजपूत (55वर्ष) निवासी मोहल्ला रामनगर के रूप में हुई थी। हालांकि मूल रूप से फूलसिंह गोहाण्ड थाना जरिया जिला हमीरपुर का निवासी था।
पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि इस ब्लाइंड मर्डर केस की छानबीन के लिए कोतवाली पुलिस के साथ स्वाट और सर्विलांस टीम को भी लगाया गया था। उन्होंने बताया कि घटना को लेकर जो तथ्य प्रकाश मे आये हैं उनके मुताबिक फूल सिंह और मुख्य आरोपी नरेश यादव उर्फ लम्बरदार दोनों ही पहले रामनगर मोहल्ले में ही पड़ोस में रहते थे। नरेश यादव का अपनी पहली पत्नी से विवाद चल रहा था। जिसके बच्चों को मृतक बहकाता था। इसके कारण परेशान होकर नरेश ने रामनगर मोहल्ले का मकान बेच दिया और इंदिरा नगर में रहने लगा। फिर भी फूल सिंह ने उसका पीछा नही छोड़ा।
इस बीच जैसारी खुर्द थाना डकोर की रहने वाली रेखा देवी राजपूत के पति की हत्या हो गई। बाद में इस मामले के अभियुक्त की भी हत्या कर दी गई जिसमें रेखा देवी को जेल भेजा गया। छूट कर आने के बाद वह नरेश यादव के साथ उसकी दूसरी पत्नी के रूप में रहने लगी। इससे नरेश यादव के परिवार में तनाव और ज्यादा बढ़ गया जिसका फायदा उठाकर मृतक फूल सिंह राजपूत ने उसकी पहली पत्नी से नजदीकी बना लीं। यही रंजिश नरेश के हाथों उसकी हत्या का कारण बनी। नरेश के साथ उसका भाई दिनेश और रेखा भी फूल सिंह को निपटाने में साथ थे। ब्लाइंड मर्डर के खुलासे और आरोपियों की साक्ष्यों के साथ गिरफ्तारी से सांसत में फंसी पुलिस ने राहत की सांस ली है। एसपी ने इसे लेकर कोतवाली रुद्र कुमार सिंह, स्वाट टीम के प्रभारी बृजनेश यादव और सर्विलांस सेल के प्रभारी मतीन खां व उनकी टीम को शाबाशी दी।

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