उरई। सूखा बुंदेलखंड बारिश के पहले बूंद-बूंद पानी को तरसता दिखाई दिया। बारिश आने से पहले जिलाधिकारी ने सूखे व बेकार पड़े 112 चेकडैमों की मरम्मत कराकर उनमें पानी की क्षमता को बढ़वाया ही है साथ ही इन चेकडैमों में तलहटी से लेकर उनकी बाउंड्रीवाल की मरम्मत कराकर उन्हें नया जैसा बनवा दिया।
जिले में 112 चेकडैमों की देखरेख के लिए जिलाधिकारी डा. मन्नान अख्तर ने जिले के सभी उपजिलाधिकारियों को लगाकर उनकी दशा को सुधारने का बीणा ठीक बारिश से पहले उठाया। बारिश आने के पहले जून माह में जब जिलाधिकारी का फरमान दौड़ा तो जिले के सारे आला अधिकारी जागते दिखाई दिए। हालांकि पहल बेहद सार्थक थी क्योंकि सूखे बुंदेलखंड में पानी की बहुत जरूरत है। इस वर्ष नवंबर माह से ही भूगर्भ का जल स्तर नीचे जाने लगा था। वहीं बुंदेलखंड की सूखी धरती पर तालाब, पोखरों में पानी देखने तक को नहीं मिलता जिसमें मवेशी अपनी प्यास बुझा पा रहे हैं। उधर पेयजल के लिए हैंडपंपों ने दम तोडऩा शुरू कर दिया था तभी विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं द्वारा वर्षों पूर्व के चेकडैमों पर जिलाधिकारी का ध्यानाकर्षण कराया गया जो ध्वस्त हो चुके थे जिनको दोबारा काम में लाने के लिए कोई सोच भी नहीं सकता था तभी जिलों के सभी उपजिलाधिकारी व ब्लाक में बीडीओ को लगाकर ध्वस्त चेकडैमों की तलाश हुई तो 112 चेकडैमों को चिह्नित किया गया जिन पर कार्य शुरू कराकर उक्त चेकडैमों में वर्षों से जमी सिल्ट को हटाकर उन्हें गहरा किया गया जिससे पूर्व में पानी की क्षमता को 240 क्यूसेक अधिक पानी भरने के लायक बनाया गया। वहीं जिलाधिकारी डा. मन्नान अख्तर ने बताया कि बुंदेलखंड में पानी की कमी को देखते हुए इस कार्य को किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पहले चरण में 112 चेकडैमों को चिह्नित किया गया था जिनमें कार्य समापन की कगार पर है। इस कार्य को चौदहवें वित्त व मनरेगा से कराया गया और दूसरे चरण में भी और चेकडैमों का चिह्नांकन कराया जा रहा है जिससे कार्य शीघ्र ही शुरू किया जाएगा। वहीं किसानों का कहना था कि अब इन्हीं चेकडैमों में हम असिंचित भूमि को इंजन लगाकर सींचेंगे।

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