कोंच। कोतवाली पुलिस के लिये ट्रांजिट हॉस्टल और महिला बैरक बन कर लगभग तैयार हैं लेकिन इनके हस्तांतरण में अभी थोड़ा वक्त और लगेगा क्योंकि निर्माण समिति को इनके निरीक्षण में तमाम खामियां मिली हैं। निर्माण समिति ने ठेकेदार को इन कमियों को शीघ्र ही दूर करने के निर्देश दिये हैं।
तहसील परिसर के बाहर कोतवाली के थानेदारों के लिये ट्रांजिट हॉस्टल और कोतवाली की लाइन घरैया के पास महिला बैरक बन कर तैयार हैं और अब ये हस्तांतरण की प्रक्रिया में हैं। निर्माण समिति जिसमें सीओ कालपी सुवोध गौतम, आरआई देवीगुलाम, कोतवाली प्रभारी कोंच विनोदकुमार मिश्रा, जेई झांसी अमनकुमार, जेई ज्ञानप्रकाश आदि ने इन दोनों भवनों का शुक्रवार को बरीकी से मुआयना किया जिसमें उन्हें तमाम खामियां नजर आईं। इन कमियों को जल्दी ही दूर करने के निर्देश निर्माणी संस्था अविरल इंटरप्राइजेज कानपुर को दिये हैं। निरीक्षण में मिली खामियों के बाबत सीओ ने बताया है कि खिड़कियों के कांच टूटे हैं और उसमें मसाले की पर्त भी जमी है। यद्यपि लाइट फिटिंग है लेकिन कहीं कहीं पंखे और ट्यूव लाइट्स नहीं लगाये गये हैं। हॉस्टल में ऊपर छत पर जाने के लिये जो चौकोर चेंबर लगाया गया है उसके आसपास से बरसाती पानी अंदर आ रहा है। निर्माणी संस्था को एक सप्ताह में दुरुस्ती करने के लिये कहा गया है। इसके बाद दोबारा निरीक्षण किया जायेगा तभी हस्तांतरण प्रक्रिया संभव हो सकेगी।

हत्तर लाख खर्च हुये हैं निर्माण में
महिला आरक्षियों के लिये निर्मित बैरक और थानेदारों के रहने के लिये ट्रांजिट हॉस्टल के निर्माण पर सतहत्तर लाख की लागत आई है। बताया गया है कि ट्रांजिट हॉस्टल 36 लाख 42 हजार की लागत से बन कर तैयार हुआ है जिसमें छह कमरे हैं और प्रत्येक कमरे में दो थानेदारों के रहने की व्यवस्था होगी। महिला बैरक के निर्माण पर लागत 40 लाख 52 हजार आई है, इसमें दस महिला आरक्षियों के रहने का इंतजाम होगा। यह बैरक भोजनालय से भी लैस होगी तथा डाइनिंग हॉल की भी व्यवस्था होगी।

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