उरई। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री शिवप्रताप शुक्ला ने इशारे में कहा कि जब सउदी अरेबिया की इस्लामी हुकूमत अपने यहां मंदिर निर्माण का शिलान्यास करने का प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दे सकती है तो भारत में मुसलमान ऐसा क्यों नही कर सकते। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ऐसे प्रधानमंत्री है जो सभी लोगों की विचारधारा का सम्मान करते हैं। जिसके कारण हर वर्ग उन पर भरोसा जताने को तैयार है।
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री स्थानीय आचार्य नरेंद्र देव इंटर कालेज में पूर्व ब्लाक प्रमुख सुदामा दीक्षित और उनकी पत्नी नम्रता दीक्षित द्वारा संचालित अपनत्व अभियान के समारोह को संबोधित करने शनिवार को पहुंचे थे।
इसके पहले शिवप्रताप शुक्ल ने पूर्व मंत्री हरीओम उपाध्याय के आवास पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए अयोध्या में राममंदिर निर्माण से जुड़े सवाल पर कहा कि राम मंदिर भाजपा के लिए आस्था का विषय है। लेकिन उसने राम मंदिर बनवाने का चुनावी वायदा न तो किया था और न करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार अयोध्या में मंदिर तभी बनवा सकती है जब या तो सभी पक्ष इसके लिए सहमत हो जायें या अदालत इस तरह का फैसला घोषित कर दे। बाद में अपनी बात को और स्पष्ट करने के लिए उन्होंने आचार्य नरेंद्र देव इंटर कालेज में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि नरेंद्र मोदी ने हर एक की विचार धारा का सम्मान करने की नीति से हर वर्ग में ऐसा मुकाम बनाया है कि सदभाव के लिए उन पर कोई भी वर्ग किसी भी सीमा तक भरोसा करने को तैयार है। उन्होंने इतिहास के हवाले से कहा कि देश में पहली मस्जिद बनाने के लिए हिंदू राजा ने खुद जमीन दी थी। यह भारतीयता की प्राचीन समय से विशेषता है। इसलिए सदभाव की खातिर यहां एक-दूसरे के पूजा स्थल के लिए जमीन उपलब्ध कराने की सहमति आश्चर्यजनक नही है।

पेट्रो पदार्थ आ सकते है जीएसटी के दायरे में
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि भारत सरकार पेट्रो पदार्थों को जीएसटी के दायरे में लाने के लिए तैयार है लेकिन इस पर अंतिम निर्णय जीएसटी काउंसिल ही कर सकती है। उन्होंने कहा कि जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक में सरकार इस प्रस्ताव को रखेगी और सभी राज्यों को इसके लिए सहमत करने का प्रयास करेगी। उन्होंने जीएसटी से सरकार की राजस्व प्राप्तियों में कमी के आरोप से इंकार किया। बताया कि गत मार्च के महीने में जीएसटी की मद में एक लाख तैतालीस करोड़ रुपये का राजस्व संकलित किया गया था। गत माह में भी इस मद में सरकार को छियानवे हजार करोड़ की प्राप्ति हुई। उन्होंने कहा कि पहले पोर्टल के संचालन में कठिनाई आ रही थी जिससे काम प्रभावित हुआ था। लेकिन बाद में सरकार ने सिंगल विंडो सिस्टम जैसे उपाय लागू करके इस पर काबू पा लिया। उन्होंने कहा कि एक देश एक टैक्स होने से वित्तीय प्रबंधन में सरकार को काफी सहूलियत मिली है।
शिवप्रताप शुक्ल ने बताया कि 1 जुलाई को जीएसटी लागू होने का एक वर्ष पूरा हो रहा है। जीएसटी की पहली वार्षिकी जिलों तक धूमधाम से मनाने की तैयारी की जा रही है। जिसमें केंद्र और राज्य के कर्मचारी मिलगर सहभागिता करेगें। नई दिल्ली में इसे लेकर एक बड़ा कार्यक्रम होगा।

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