उरई। जिले में बेतवा नदी से मौरंग निकालने की 30 जून अंतिम तिथि थी। शासन बारिश के मौसम में तीन माह के लिए नदियों से मौरंग निकालने की अनुमति नहीं देता क्योंकि नदियों में अचानक पानी बढ़ जाने से जानमाल का खतरा बढ़ जाता है। जालौन में बेतवा नदी से अंतिम दिन मौरंग की लूट उस समय मच गई जब जिले की सभी सीमाओं पर प्रशासन द्वारा जबरदस्त चेकिंग अभियान चलाया गया। ट्रक चालक अपने-अपने ट्रकों से मौरंग सडक़ों पर ही उतार कर भाग गए तभी ग्रामीणों ने उक्त मौरंग की लूट मचा दी जिसने जहां मौरंग पड़ी पाई वहीं ट्रैक्टरों से ढोकर ले गया।
विदित हो पूर्व की भांति इस वर्ष भी 30 जून से बेतवा नदी से मौरंग निकालना वर्जित है लेकिन अंतिम दिन ट्रकों का घाटों पर भारी जमावड़ा देखा गया क्योंकि मौरंग के दाम 30 जून के बाद डेढ़ गुने बढ़ेंगे। इसी को देखते हुए ट्रक मालिकों ने अपने सभी ट्रक मौरंग लादने में लगा दिए तभी प्रशासन को भनक लगी कि जिले में ट्रकों की तादाद अंतिम दिन बहुत ज्यादा बढ़ गई है। प्रशासन ने आनन-फानन में जिले में चेकिंग की और नाकाबंदी कर अभियान छेड़ दिया। ट्रक चालकों में हडक़ंप मच गया। चेकिंग देख ट्रक चालक ट्रकों से मौरंग सडक़ों पर उतार कर भाग निकले। ग्रामीणों ने जैसे ही देखा कि ट्रकों से मौरंग खाली की जा रही है ग्रामीणों ने मौरंग की लूट करने का मन बना लिया। सैकड़ों ग्रामीण अपने-अपने ट्रैक्टर व बैलगाड़ी से मौरंग की लूट में जुट गए। हालांकि सुबह होते-होते प्रशासन की नींद खुली लेकिन तब तक जो मौरंग ट्रकों से खाली हुई थी उसको ग्रामीणों ने लूट लिया जिससे प्रशासन हाथ मलते रह गया।






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