
कोंच-उरई । नदीगांव विकास खंड के ग्राम व्यौना राजा में आवारा मवेशियों के प्रबंधन को लेकर प्रशासन आसैर जन भागीदारी के तहत बनी रणनीति में फैसला हुआ कि रात में ये मवेशी बाड़ों में बंद रहेंगे और दिन में जंगलों में चरने जायेंगे। इन्हें चराने के लिये वरेदियों की भी व्यवस्था की जायेगी जिन्हें प्रतिमाह मानदेय के तौर पर एक निश्चित रकम दी जायेगी।
ग्राम व्यौना राजा में समर्पण जन कल्याण समिति के तत्वाधान में एक जन चौपाल का आयोजन उपजिलाधिकारी गुलाब सिंह की अध्यक्षता एवं थानाध्यक्ष कैलिया लखनसिंह व ग्राम प्रधान राजेन्द्रसिंह गुर्जर की मौजूदगी में संपन्न हुई। चौपाल में अन्ना प्रथा और आवारा मवेशियों के प्रबंधन पर चर्चा की गई। चौपाल में ग्रामीणों के भी सुझाव लिये गये और लब्बोलुआब निकल कर आया कि खलिहान परिसर में एक बाड़ा बना कर तार फेंसिंग कराके उसमें अन्ना पशुओं को बंद किया जा सकता है। ग्राम प्रधान राजेन्द्रसिंह गुर्जर ने कहा कि मनरेगा के मद से तार फेंसिंग एवं चार वरेदियों की व्यवस्था की जायेगी जिन्हें प्रति माह 4 हजार रुपया प्रति व्यक्ति दिये जायेंगे तथा एक छप्पर बनाकर छाया बनाई जायेगी। रात में अन्ना जानवर बंद रहेगें, दिन में जंगल में चराने वरेदी ले जायेंगे। यह भी तय किया गया कि बाहरी जानवर गांव में प्रवेश न कर पायें जिसके लिये दस सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। एसडीएम ने कहा कि गांव के लोग चारा भूसा का सहयोग करें। थानाध्यक्ष ने कहा कि जिन किसानों के पशु छुट्टा हैं वह अपने पशु बांध लें नहीं तो उन पर कार्यवाही की जायेगी। इसके बाद एसडीएम ने शिक्षा व्यवस्था, विद्यालय की बाउंड्रीवाल, स्वच्छता, शौचालय निर्माण आदि पर बात की। प्रत्येक सप्ताह थानाध्यक्ष कार्य की मॉनीटरिंग करेंगे। अवधेश रावत एवं वीरेन्द्रकुमार लोहिया, बलवीरसिंह, गोविंददास पाल, कन्हैयालाल, गिरिजादेवी व समूह की महिलाएं आदि मौजूद रहे।






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